सपा के चार MLA सस्‍पेंड, पूर्व सांसद समेत 10 नेता OUT

लखनऊ। सपा सरकार ने बागियों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की है। यूपी में हुए पंचायत चुनावाें में सपा के घोषित प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने के आरोप में आज सपा के चार विधायकों को निलम्बित कर दिया गया। पूर्व सांसद समेत सपा के 10 नेताओं और पदाधिकारियों को छह साल के लिए निष्‍कासित किया गया।

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सपा के खिलाफ बगावत करने वाले पार्टी से बाहर

सपा के प्रान्तीय प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने यहां बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सीतापुर, शाहजहांपुर, फतेहपुर, मिर्जापुर तथा श्रावस्ती में पार्टी के घोषित प्रत्याशियों के खिलाफ काम करके अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं तथा पदाधिकारियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि सीतापुर जिले से पार्टी के चार विधायकों महेन्द्र सिंह उर्फ झीन बाबू, अनूप गुप्ता, राधेश्याम जायसवाल तथा मनीष रावत को विधानमण्डल दल तथा सपा से निलम्बित करते हुए उनके खिलाफ जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। समिति की जांच रिपोर्ट पर पार्टी के आलाकमान अगला कदम उठाएंगे।

सीतापुर में पार्टी की जिला कार्यकारिणी भंग

राजेन्‍द्र चौधरी ने बताया कि अखिलेश ने सीतापुर में पार्टी की जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया है। आरोप है कि इन विधायकों और नेताओं ने पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी सीमा गुप्ता के बजाय उसका विरोध करने पर दल से निकाले गए विधायक रामपाल यादव के बेटे जितेन्द्र यादव को सीतापुर जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव जिताने में मदद की। चौधरी ने बताया कि इसके अलावा शाहजहांपुर से पूर्व सांसद मिथिलेश कुमार, पूर्व विधायक अचल सिंह और पूर्व राज्यमंत्री समरजीत सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष रामशरण यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश गिहार, पूर्व महासचिव धीरेन्द्र प्रताप सिंह, जनपद मिर्जापुर के जिला पंचायत सदस्य पंचदेव सिंह उर्फ नान्हक सिंह भोलानाथ पटेल तथा जनपद श्रावस्ती के राम अभिलाख यादव सदस्य जिला पंचायत को 6 वर्ष के लिये निष्कासित कर दिया गया है।

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