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गणतंत्र दिवस परेड में देखिये सफेद शेर की जिंदगी

भोपाल| इस साल 2016 में भारत अपना 67वाँ गणतंत्र दिवस मनायेगा। भारत ने अपना पहला गणतंत्र दिवस 1950 में मनाया था। गणतंत्र दिवस पर मध्य प्रदेश की झांकियां सफेद शेर पर केंद्रित होंगी, नई दिल्ली की गणतंत्र दिवस की परेड में राज्य की झांकी भी सफेद शेर के जीवन की कहानी सुनाने वाली होगी। नई दिल्ली गणतंत्र दिवस परेड में भी राज्य की झांकी इस बार सफेद शेर पर केंद्रित की गई है, जिसे में सफेद शेर के जीवन को दिखाया गया है। झांकी के दोनों ओर लगभग 15 सफेद शेर अठखेलियां करते हुए प्रदर्शित किए गए हैं।

सफेद शेर

सफेद शेर के जरिए मिलेगी मध्यप्रदेश को पहचान

इस तरह गणतंत्र दिवस पर सात जगह पर निकलने वाली झांकियों में सफेद शेर दिखेंगे। भोपाल सहित रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, सिंगरौली और सीधी जिले में गणतंत्र दिवस समारोह में विभिन्न विभाग की निकलने वाली झांकियों के साथ सफेद शेर पर केंद्रित झांकी को भी शामिल किया गया है।

सफेद शेर की वजह से रीवा की पहचान दुनिया है। मोहन नाम का सफेद शेर रीवा के महाराज मार्तण्ड सिंह के भव्य गोविंदगढ़ महल के बाड़े में रहता था। दुनिया में वर्तमान में मौजूद सफेद शेरों को इसी की संतान माना जाता है।

सफेद शेर के जरिए मध्यप्रदेश को पुन: पहचान दिलाने के मकसद से इस वर्ष गणतंत्र दिवस की झांकियों में इसे प्रमुखता के साथ शामिल किया जा रहा है।

भारतीय गणतंत्र दिवस 2016 पर क्या हैं विशेष:

  • 1950 के बाद से, ये भारतीय इतिहास में पहली बार हुआ है कि फ्रांस का दल भारतीय सैन्य बल के साथ गणतंत्र दिवस की परेड में भाग लेगा।
  • ये हमारे चारों ओर के क्षेत्रों में और महान हस्तियों की लगी मुर्तियों की स्वच्छता को सुनिश्चित करेगा।
  • “हमारे कर्तव्यों” के विषय पर स्कूल, कॉलेजों और उन्य स्थानों पर चर्चा की जायेगी।
  • 66 सालों के बाद, ये भारतीय इतिहास में पहली बार है कि, गणतंत्र दिवस 2016 की परेड में, बीएसएफ का कोई ऊंट दल भागीदरी नहीं करेगा।
  • बहुत समय बाद (26 साल बाद), गणतंत्र दिवस 2016, राजपथ पर परेड में भारतीय सेना के कुत्तों को फिर से प्रदर्शन करने के लिये किया गया है। लगभग 36 भारतीय सेना के कुत्ते जिसमें 24 लैब्रेडोर और 12 जर्मन शेफर्ड सहित, परेड में सम्मिलित होंगे। वो पिछले 4 महिनों से और दिन में 3 बार अच्छे प्रदर्शन के लिये अभ्यास कर रहें हैं।

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