भारत ने रचा इतिहास – बॉर्डर पर फहरा दिया सबसे ऊंचा तिरंगा, पाकिस्तान के हर घर से दिख रहा है

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अमृतसर वाघा सीमा पर रविवार को देश का सबसे ऊंचा तिरंगा फहराया गया है। पंजाब के मंत्री अनिल जोशी ने इस सबसे ऊंचे फ्लैगमास्ट पर देश का सबसे बड़ा तिरंगा फहराया। इसके निर्माण पर 3.50 करोड़ रुपये का खर्च आया है। भारत-पाक सीमा पर इस ध्वज के फहराए जाने के साथ ही वाघा सीमा का नाम विश्व रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। तिरंगा लगाने वाली कंपनी का दावा कि यह लाहौर से दिखाई देगा।

सबसे ऊंचा तिरंगा का वजन 5,500 किलोग्राम है

यह पंजाब सरकार के अमृतसर सुधार न्यास प्राधिकरण की परियोजना थी। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आईजी बीएसएफ मुख्यालय सुमेर सिंह भी यहां पहुंचे। सीमा पर सबसे ऊंचा तिरंगा फहराने की बात पहले उन्हीं के मन में आई थी। उस समय वह बीएसएफ में डीआईजी, बॉर्डर रेंज थे। उन्होंने निकाय मंत्री अनिल जोशी से संपर्क कर इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेजा था। तिरंगे के खंभे का वजन 5,500 किलोग्राम है और इसे 3.5 करोड़ की लागत से 3 महीने में बनाया गया। यह दुनिया का 10वां सबसे ऊंचा झंडा भी है। 1 मार्च 2017 को तिरंगे के पोल में कैमरे होने की बात कहते हुए पाक रेंजरों ने फिर आपत्ति उठाई थी, जिसे बीएसएफ ने सिरे से खाजिर कर दिया था।

सबसे ऊंचे ध्वज की कुछ मुख्य बातें –

  • 360 फुट ऊंचा ध्वज फहराकर बनाया विश्व रिकॉर्ड
  • 3.50 करोड़ रुपये का खर्च किया निर्माण पर
  • 55 टन लोहे से पोल को खड़ा करने के लिए मंच तैयार
  • 60 लाख रुपये किराए पर पोल खड़ा करने के लिए हाइड्रोलिक क्रेन मंगवाई
  • 120 फुट चौड़ा और 80 फुट ऊंचा है राष्ट्रीय ध्वज
  • तिरंगे का पोल 350 फुट ऊंचा और 110 फुट मोटा हैं।
  • 12 तिरंगे झंडे रिजर्व में रखे गए हैं, ताकि खराब होने पर बदला जा सके

देश में रहे सबसे ऊंचे तिरंगे –

  • रांची (पहरी मंदिर) 293 फुट
  • हैदराबाद (संजीविणा पार्क) 291 फुट
  • रायपुर (तीलाबंधा झील के पास) : 269 फुट
  • फरीदाबाद (टाउन पार्क) : 250 फुट
  • पुणे (कटराज झील के पास) : 237 फुट
  • भोपाल (मंत्रालय के बाहर) : 235 फुट
  • दिल्ली (सेंट्रल पार्क) : 207 फुट
  • लखनऊ (जेनेश्र्वर मिश्रा पार्क) : 207 फुट
  • अमृतसर (अमृत आनंद बाग) 170 फुट
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