मोदी सरकार ने बदला नियम, ‘Very Good’ होने पर ही बढ़ेगी सैलरी

0

नई दिल्‍ली। मोदी सरकार ने जहां एक ओर सातवें वेतन आयोग का तोहफा दिया तो दूसरी ओर एक सख्‍त कदम भी उठाया। मोदी सरकार ने कहा है कि केंद्रीय कर्मचारिेयों के लिए आने वाले दिन अच्‍छे बामुश्किल से होंगे। खबर है कि सरकारी कर्मचारियों के सालाना इंक्रीमेंट खतरे में है।

कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड

सरकारी कर्मचारियों के सालाना इंक्रीमेंट पर मोदी सरकार का बयान

सरकारी कर्मचारियों के सालाना इंक्रीमेंट पर केंद्र सरकार ने कहा है कि आने वाले दिनों में केंद्रीय कर्मचारियों की सालाना वेतन बढ़ोतरी प्रदर्शन के मूल्यांकन के आधार पर ही होगी। पहले कर्मचारियों की परफॉर्मेंस का बेंचमार्क ‘Good’ होता था लेकिन बदले हुए नियमों के तहत अब यह ‘Very Good’ होगा।

सातवें वेतन आयोग में किया गया शामिल

वित्त मंत्रालय ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों लागू करने के लिए जारी अधिसूचना में कहा है कि इस बार संशोधित एश्योर्ड कैरियर में प्रगति (MACP) योजना के रूप में पहले सेवा के 10, 20 और 30 साल के हिसाब से ही लागू किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि जो कर्मचारी (MACP) या उनकी सेवा के पहले 20 सालों के भीतर नियमित रूप से बढ़ावा देने के लिए बेंचमार्क पूरा करने में सक्षम नहीं उन्हें इस सेवा से दूर रखा जाएगा।

कर्साटी में खरे उतरे तभी बढ़ेगी सैलरी

इसके अलावा आयोग का मानना है कि जो कर्मचारी प्रदर्शन की कसौटी पर खरे नहीं उतरते उन्हें भविष्य में वार्षिक वेतन वृद्धि ने अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।  आयोग इसलिए उन कर्मचारियों को जो या तो MACP या उनकी सेवा के पहले 20 वर्षों के भीतर एक नियमित रूप से इंक्रीमेंट देने के लिए बेंचमार्क पूरा करने में सक्षम नहीं हैं, के मामले में वार्षिक वेतन वृद्धि की रोक का प्रस्ताव है। यह आत्मतुष्ट और अक्षम के लिए एक निवारक के रूप में कार्य करेगा।

loading...
शेयर करें