सरकारी दुकानों से राशन तभी मिलेगा जब आपकी जेब में होगा आधार कार्ड

नई दिल्‍ली। केंद्र की मोदी सरकार ने आधार कार्ड को लेकर एक नया नियम बनाया है। मोदी सरकार ने नए आदेश में कहा कि सरकारी दुकानों से राशन लेने के लिए आधार कार्ड जरूरी होगा। जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है, सरकार ने उन्‍हें खाद्य कानून के तहत सब्सिडी वाला अनाज प्राप्त करने के लिए 30 जून तक का समय दिया है।

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सरकारी दुकानों से राशन लेने के लिए आधार कार्ड होगा जरूरी

उपभोक्‍ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना 8 फरवरी 2017 को जारी कर दी है। इसमें कहा गया है कि उसकी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सब्सिडी प्राप्त खाद्यान्न के लिए आधार कार्ड को आवश्यक बना दिया गया है। सरकार ने राज्यों से कहा कि वे आधार कार्ड को राशन कार्डों के साथ सम्बद्ध करें।

राशन की दुकानें होंगी डिजिटल

केंद्र ने यह भी कहा कि राज्यों ने जून तक राशन की दुकानों में डिजिटल भुगतान प्रणाली को स्थापित करने का वादा किया है। खाद्य कानून के तहत 80 करोड़ से अधिक लोगों को पांच किलोग्राम गेहूं अथवा चावल प्रति व्यक्ति प्रतिमाह दो से तीन रुपए प्रति किग्रा की दर से मिलता है।

राजकोष पर पड़ता है डेढ़ करोड़ को बोझ

इससे राजकोष पर 1.4 लाख करोड़ रुपए वार्षिक का बोझ आता है। वर्तमान में करीब 5.27 लाख राशन की दुकानों में से करीब 29,000 उचित मूल्य दुकानों पर नकदी रहित लेनदेन की सुविधा है। आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, दिल्ली और महाराष्ट्र राज्यों ने अपनी राशन दुकानों पर मार्च तक डिजिटल भुगतान प्रणाली शुरू करने का वादा किया है। ज्यादातर राज्यों में जून तक डिजिटल भुगतान प्रणाली शुरू हो जाएगी।

कई राज्‍यों में शुरु होगी व्‍यवस्‍था

बिहार और उत्तराखंड ने जुलाई तक नकदीरहित प्रणाली स्थापित करने का वादा किया है, जबकि अंडमान और नीकोबार और जम्मू कश्मीर ने वर्ष के अंत तक ऐसा करने का वादा किया है। नोटबंदी की आलोचना करने वाला पश्चिम बंगाल भी जून तक नकदीरहित व्यवस्था बहाल करने को सहमत हुआ है।

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