‘नो टेंशन’ अब ब्लड बैंक में खून के बदले खून नहीं मांगा जाएगा

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लखनऊ। सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को यदि ब्लड की जरूरत पड़ती है तो सरकारी ब्लड बैंक बिना खून लिए उसे ब्लड उपलब्ध कराएगा। वो फिर आपका दोस्त हो या रिश्तेदार। आपको उस खून के बदले सिर्फ यूजर चार्ज देना होगा, लेकिन यह सहूलियत सिर्फ उन्हीं मरीजो को मिल सकेगी जिनका इलाज  किसी सरकार अस्पताल में चल रहा हो या वहां भर्ती कराया गया हो। ऐसे निर्देश सभी सरकारी ब्लड बैंकों को जारी कर दिए गए हैं।

सरकारी ब्लड बैंक

सरकारी ब्लड बैंक जरूरतमंदों को बिना एक्सचेंज देंगे ब्लड

घायलों को बिना एक्सचेंज ब्लड देने के साथ ही यह सुविधा उन महिलाओं को भी दी जाएगी जो एनीमिया ग्रस्त (शरीर में खून की कमी) हैं। इसके अलावा हीमोफीलिया, थैलेसिमिया, जननी सुरक्षा योजना की लाभार्थी, लावारिस, कैदी, एड्स पीड़ित और ऐसे मरीज जिनके पास खून देने के लिए कोई और न हो, उन्हें भी बिना एक्सचेंज ब्लड देने के निर्देश फिर से जारी किए गए हैं ।ब्लड बैंकों के सीएमएस को ये भी निर्देश दिए हैं कि सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर खून दिया जाए।

ब्लड के लिए ज्यादा से ज्यादा कैम्प लगवाएं

सरकारी ब्लड बैंकों द्वारा कैंप लगाने में उदासीनता पर भी स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। निदेशक चिकित्सा उपचार ने कहा कि सरकारी ब्लड बैंक ज्यादा से ज्यादा कैंप लगाएं। ज्यादा से ज्यादा कैंम्प लगवाने पर सरकारी ब्लड बैंकों में ज्यादा खून आएगा इससे उन लोगों की मदद हो सकेगी जो जिनके पास खून देने के लिए कोई नहीं होता है। निदेशक उपचार ने इसके साथ ही सीएमओ को यह भी हिदायत दी कि प्राइवेट या चैरिटेबल अस्पतालों में भर्ती मरीजों को बिना एक्सचेंज खून न दिया जाए। बहुत जरूरी होने पर सीएमएस की अनुमति लेनी होगी। प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों से पहले सरकारी अस्पतालों के मरीजों को प्राथमिकता पर देखा जाए। प्राइवेट मरीजों के लिए सीएमएस अनुमति के न दिया जाए।

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