सबसे बड़ा फैसला, मोदी सरकार ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के सबूत नहीं करेगी सार्वजनिक

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नई दिल्ली। बीते दिनों भारतीय सेना ने पीओके में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था। जिसमें कई आतंकी और पाक सैनिक मारे गए थे। लेकिन पाकिस्तान इसे मानने को तैयार नहीं था। उसका कहना था कि कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुआ है। जिसके बाद केंद्र सरकार पर कई लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े सबूत जारी करने को कहा था। लेकिन अब सरकार का इसपर बड़ा फैसला आया है। सरकार ने सेना द्वारा अंजाम दिए गए सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े किसी भी सबूत को जारी ना करने का फैसला किया है।

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सर्जिकल स्ट्राइक

सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत पेश करने पर पाक सेना की मुश्किलें बढ़ सकती हैं

सरकार का मानना है कि सबूत सामने आने से पाकिस्तानी सेना की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लेकिन सरकार ऐसा नहीं करना चाहती। अंग्रेजी अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, कुछ सरकारी सूत्रों ने कहा है कि ‘इस वक्त भारत युद्ध करने के समर्थन में नहीं है। लेकिन अगर फिर भी युद्ध के हालात बनते हैं तो भारत लड़ने और जीतने के लिए तैयार है।’

केजरीवाल औऱ कांग्रेस ने मांगे थे सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत

दिल्ली के सीएम और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने वीडियो संदेश में सबूत मांगे थे। इसके बाद कांग्रेस ने भी सबूत की मांग कर दी थी। केजरीवाल ने कहा था कि #SurgicalStrike के लिए प्रधानमंत्री को सैल्यूट है लेकिन सरकार को पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा खत्म कर देना चाहिए। वहीं, कांग्रेस नेता और मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरूपम ने ट्वीट कर सर्जिकल स्ट्राइक को फर्जी करार दे दिया था। विपक्ष के इन बयानों पर सरकार की ओर से कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि सेना पर सवाल उठाना ठीक नहीं, देश को सेना पर भरोसा है।

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