सर्वदलीय दल को अलगाववादी नेताओं ने दिखाया अपना रंग

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श्रीनगर। कश्‍मीर मुद्दे पर रविवार को सर्वदलीय टीम ने राज्‍य का दौरा किया। सर्वदलीय दल ने कश्‍मीर के सभी दलों से बातचीत की। लेकिन अलगाववादी नेताओं ने मिलने से मना कर दिया। वहीं हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेता सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज़ उमर फारूक ने कहा कि हमें किसी से नहीं मिलना। इस दौरान गिलानी समर्थकों ने नारेबाज़ी भी की।

सर्वदलीय दल

सर्वदलीय दल में यह नेता रहे शामिल

कश्‍मीर मुद्दे पर सर्वदलीय दल में शरद यादव, सीताराम येचुरी, असदुद्दीन ओवैसी और डी राजा शामिल थे। हालांकि शरद यादव ने उम्मीद जताई की हालात अच्छे होंगे।

कश्‍मीर मुद्दे को लकर दो दिन कश्‍मीर में रहेगा सर्वदलीय दल

दो दिन के दौरे में ये सांसद अलग-अलग समुदायों के लोगों से बातचीत करेंगे। इस बातचीत का उद्देश्य कश्मीर के बिगड़े हालातों को सामान्य बनाना है। घाटी में पिछले दो महीन से कर्फ्यू लगा है। वहीं जम्मू-कश्मीर के शोपियां में भीड़ ने मिनी सचिवालय में आग लगा दी है। पुलिस की कार्रवाई में 100 घायल हो गए हैं जिनमें से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।

कौन-कौन है राजनाथ की टीम में

इस दल में 20 पार्टियों से ज्यादा पार्टियों के सांसद हैं। जिनमें वित्त मंत्री अरुण जेटली, राम विलास पासवान, कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नेता सीताराम येचुरी और एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी शामिल हैं। ये सभी नेता कश्मीर में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे और शांति का कोई रास्ता निकालने का प्रयास करेंगे।

अलगाववादी हुर्रियत के नेताओं को भी निमंत्रण

दिल्ली में सर्वदलीय टीम की बैठक में दिल्ली में हुर्रियत से बातचीत की मांग उठी तो शाम होते-होते जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ़्ती ने पीडीपी के अध्यक्ष के तौर पर अलगाववादी हुर्रियत के नेताओं को भी बातचीत के लिए आने का न्योता दिया था।

अलगाववादियों ने किया मना

फिलहाल अलगाववादियों के इस बातचीत में शामिल होने के कोई संकेत नहीं है। सूत्रों का कहना है कि अगर वो सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के लिए तैयार होते हैं तो उन्हें जेल से रिहा भी किया जा सकता है। सभी दलों के कश्मीर दौरे पर बैठक के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सभी पक्षों से बातचीत की जाएगी।

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