सर्वाइकल कैंसर से भारत में रोज दम तोड़ देती हैं 200 महिलाएं

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आगरा। कैंसर से मरने वाली महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी का कैंसर) नम्बर एक किलर है। दुनिया भर में हर रोज सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित एक मिलियन नए मामले सामने आ रहे हैं। चिन्ता की बात यह है कि इसमें से 26 फीयदी मामले भारत के होते हैं। यह स्थिति तब है जबकि वैक्सीनेशन से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। भारत में सर्वाइकल कैंसर की गंभीर स्थिति को नियंत्रित करने के उद्देश्य से इसके वैक्सीनेसन को सरकारी कार्यक्रम में शामिल करने की मांग की गई है। वहीं ब्रेस्ट कैंसर पीड़ित महिलाओं में 17 फीसदी महिलाएं भारतीय हैं।

सर्वाइकल कैंसर से रोज 200 महिलाओं की मौत

आगरा की गायनेकोलॉजिस्ट प्रो. जयदीप मल्होत्रा ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से हर रोज 200 महिलाएं मर रही हैं। यानि एक घंटे में 8 महिला और हर सात मिनट में एक महिला सर्वाइकल कैंसर से दम तोड़ रही है। डॉ. जयदीप कहती हैं वायरस से (ह्यूमन पैपीलोमा वायरस) से होने वाले इस कैंसर से 9 से 26 वर्ष की उम्र में किया गया वैक्सीनेशन बचा सकता है। लेकिन दो हजार का एक वैक्सीन और पूरा कोर्स 6 हजार रुपए तक का होने से महिलाएं अपनी सुरक्षा दाव पर लगा देती हैं। इससे बचाव इसलिए भी जरूरी है कि पीड़ित महिला के सम्पर्क में आने वाले पुरुष ह्यूमन पैपेलोमा वायरस यानि महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर बनाने वाले वायरस पुरुष में पिनाइल कैंसर का कारण बनते हैं। इसलिए वैक्सीनेशन पुरुषों के लिए भी जरूरी है। लेकिन इसका बचाव होने के बाद भी भारत में इसकी संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी कार्यक्रम में महिलाओं में कैंसर के सबसे बड़े किलर सर्वाइकल कैंसर के वैक्सीनेशन को शामिल करने की मांग की गई है।

पहली स्टेज में जानकारी जरूरी

सही समय पर पता न लग पाने की वजह से ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित हर दो महिलाओं में से भारत में एक महिला की मौत हो जाती है। जबकि अमेरिका में पांच में से एक महिला की मौत होती है। डॉ. जयदीप कहती हैं कि ब्रेस्ट कैंसर का यदि सही समय यानि पहली स्टेज पर पता चल जाए तो सर्वाइवल रेट काफी बढ़ जाती है। इसके लिए सबसे आसान तरीका है सेल्फ एग्जामिनेशन। इसके अलावा 20-40 वर्ष तक की उम्र में तीन साल में एक बार डॉक्टर से परीक्षण कराएं। 40 वर्ष की उम्र के बाद ब्रेस्ट कैंसर की सम्भावना भी बढ़ जाती है। इसलिए 40 के बाद हर साल एक बार डॉक्टर से अवश्य परीक्षण कराएं। वह महिलाएं लापरवाही न बरतें जिनके परिवार में किसी को यह समस्या पहले रही। क्योंकि जेनेटिव मामलों में 20-25 प्रतिशत खतरा बढ़ जाता है।

कब-कब होना है वैक्सीनेशन

9-26 वर्ष की उम्र या पहला इंटरकोर्स होने से पहले सर्वाइकल कैंसर का वैक्सीनेशन हो जाना चाहिए। पहले वैक्सीनेशन के बाद दूसरा एक महीने बाद और तीसरा चार महीने बाद किया जाता है। यदि वैक्सीनेशन 9-15 वर्ष की उम्र के बीच हो किया जाए तो सिर्फ दो वैक्सीन ही पर्याप्त हैं। हालांकि इसका वैक्सीनेशन 45 वर्ष की उम्र तक कभी भी किया जा सकता है।

ब्रेस्ट कैंसर के लिए कैसे करें सेल्फ एग्जामिनेशन

-महीने में एक बार अपने ब्रेस्ट का सेल्फ एग्जामिनेसन 20 वर्ष की उम्र के बाद अवश्य करें।

-माहवारी के 7-8 दिन बाद ब्रेस्ट व बगल को दबाकरअच्छी तरह देखें।

-यदि ब्रेस्ट या बगल में कोई गांठ या किसी तरह का परिवर्तन नजर आए तो अपने डॉक्टर से सलह लें।

-यदि किसी तरह का डिस्चार्ज हो रहा है तो भी ड़क्टर से सलाह लें।

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