अब शिक्षा परिषद् पर योगी की नजरें टेढ़ी, 48 हजार भर्तियों पर लगाई रोक

0

लखनऊ। यूपी में अध्‍यापक बनने का सपना देख रहे उन लोगों को झटका लग सकता है जिनकी काउंसलिंग सपा सरकार में हो चुकी है। दरअसल यूपी की नई सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद् की करीब 48,000 भर्तियों पर रोक लगा दी है।  यूपी सरकार से मिले निर्देश के बाद प्राथमिक स्कूलों में 12,460 सहायक अध्यापकों, चार हजार उर्दू विषय के सहायक अध्यापकों के अलावा उच्च प्राथमिक स्कूलों में 32,022 अंशकालिक अनुदेशकों की भर्ती स्थगित कर दी गई है।

सहायक अध्यापकों

सहायक अध्यापकों के न्यूक्ति पर यूपी सरकार ने मांगी रिपोर्ट

सबसे बड़ी बात ये है कि 12,460 शिक्षकों की भर्ती के लिए 18 से 20 मार्च तक पहली काउंसलिंग हो चुकी है और दूसरे चरण की काउंसलिंग 25 मार्च को होनी थी। वहीं चार हजार उर्दू के सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए 22 व 23 मार्च को प्रथम चरण की काउंसलिंग थी, जबकि दूसरे चरण की काउंसलिंग 30 मार्च को होनी थी। 32,022 अनुदेशकों की भर्ती के लिए 4 से 9 अप्रैल तक काउंसलिंग कराने के निर्देश सचिव संजय सिन्हा ने दिए थे।

इन आदेशों के अलावा योगी आदित्यनाथ ने पिछले सरकार में हुए सभी श्रेणी यानी क, ख, ग एवं घ समूह के खाली और भरे पदों का ब्यौरा भी मांगा है। जिन पदों का ब्योरा मांगा गया है उनमे नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग के पद शामिल हैं

मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने इस संबंध में सभी प्रमुख सचिवों और सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे 30 मार्च 2017 तक सभी क्लास वन अधिकारी से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक के भरे हुए नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग पदों का ब्यौरा सरकार को भेंजे।

नई सरकार के काम में ये भी एक मुख्य मुद्दा शामिल है। दूसरी ओर मुख्य सचिव ने अफसरों से इस बात का भी ब्यौरा तलब किया है कि उन्होंने क्लास वन और क्लास टू अधिकारी के पदों के कितने खाली पदों के प्रस्ताव भर्ती के लिए लोक सेवा आयोग को भेजे हैं। इन पदों की स्थिति क्या है?

आपको बता दें कि योगी सरकार एक्शन मूड में है। योगी खुद विभागों में जाकर उनका ब्यौरा ले रहें हैं। वहीँ कानून व्यवस्था और सुशासन को लेकर सरकार काफी सख्त है।

 

 

 

loading...
शेयर करें