जेएनयू स्टूडेंट्स पर देशद्रोह का केस कराने को सांसद ने लिखी चिट्ठी

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संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी पर जेएनयू में कार्यक्रम आयोजित करने वालों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। भाजपा सांसद महेश गिरी ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी और दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी को भी चिट्ठी लिखकर इस मामले में सख्त एक्शन लेने की मांग की है।

सांसद महेश गिरी

सांसद महेश गिरी ने लिखी चिट्ठी

मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी को भेजी चिट्ठी में सांसद महेश गिरी ने लिखा, जवाहर लाल नेहरू यू‍निवर्सिटी (जेएनयू) के वाइस चांसलर को ऐसे आयोजन करने की अनुमति न देने का आदेश दिया जाए। इस कार्यक्रम को आयोजित करने वालों पर भी कार्रवाई की जाए। सांसद महेश गिरी ने बताया कि यह मामला राष्ट्रद्रोह का है इसलिए उन्होंने गृह मंत्रालय को भी चिट्ठी लिखी है। सांसद महेश गिरी अब अपनी चिट्ठी पर जवाब मांग रहे हैं।

 

क्या है मामला?

जेएनयू में मंगलवार शाम आतंकी अफजल गुरु और जम्मू एंड कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के संस्थापक मकबूल भट की याद में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। डेमोक्रैटिक स्टूडेंट यूनियन से ताल्लुक रखने वाले 10 छात्रों ने यह कार्यक्रम आयोजित किया। बाद में एबीवीपी के विरोध और मारपीट के बाद मामला शांत करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा था।

जेएनयू स्टूडेंट्स को निष्कासित करने की मांग

एबीवीपी ने जेएनयू में आयोजन करने वाले स्टूडेंट्स को निष्कासित करने की मांग की है। वहीं, वीसी ने कहा है कि इस मामले में जांच होगी। जेएनयू छात्र संघ के संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु से संबंधित किसी कार्यक्रम को कैंपस में करने की कैसे अनुमति दी जा सकती है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए इस कार्यक्रम को निरस्त कर दिया था। कार्यक्रम के आयोजकों का कहना था कि प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिलने पर हमने अपने कार्यक्रम को सांस्कृतिक गतिविधियों तक ही सीमित कर लिया था।

जेएनयू कुलपति की सफाई

जेएनयू के कुलपति जगदीश कुमार ने कहा कि अधूरी सूचना देकर कार्यक्रम की इजाजत मांगी गई थी। लिहाजा, यह अनुशासनहीनता है। मुख्य प्रॉक्टर की अध्यक्षता वाली समिति कार्यक्रम के फुटेज की जांच करेगी और वहां मौजूद रहे लोगों से बात करेगी। रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय उचित कार्रवाई करेगा। इस बीच कांग्रेस ने कहा कि किसी को भी अफजल गुरु की प्रशंसा नहीं करनी चाहिए क्योंकि उसे अदालत ने आतंकवादी करार दिया था और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद उसे फांसी हुई थी।

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