साइबर अपराध के 50 फीसदी शिकार गंवा बैठते हैं अपने पैसे

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मॉस्को| दुनिया भर में साइबर अपराध के शिकार आधे से ज्यादा (52 फीसदी) पीड़ित साइबर अपराधी के हाथों अपना धन गंवा बैठते हैं। कुछ ही लोग बहुत कम हिस्सा वापस प्राप्त कर पाते हैं या कुछ भी वापस नहीं मिलता है। कास्पस्र्की लैब ने शुक्रवार को यह खुलासा किया। उपभोक्ताओं के खिलाफ ऑनलाइन वित्तीय खतरा कई रूपों में और तरीकों से बढ़ता जा रहा है और धोखाधड़ी, पहचान चोरी और हैंकिंग के कारण सालाना अरबों रुपये लोग गंवा बैठते हैं।

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साइबर अपराधियों के चपेट में आ कर अपना धन गँवा बैठते हैं लोग 

रूस की साइबर सिक्युरिटी फर्म ने बताया कि इनमें से कई मामले दर्ज भी नहीं हो पाते इसलिए वास्तव में आर्थिक चपत काफी अधिक होने की संभावना है। औसतन इंटरनेट यूजर्स हरेक हमले में 476 डॉलर खो देते हैं और सर्वेक्षण में शामिल हर 10 में 1 प्रतिभागी ने बताया कि उन्हें 5,000 डॉलर से ज्यादा की चपत लगी।

कास्पस्र्की लैब के एंटी मालवेयर रिसर्च टीम के प्रमुख व्याचेस्लाव जाकोरजेवस्की ने बताया कि साइबर अपराधी लगातार उपभोक्ताओं का शोषण और धोखाधड़ी करने के नए रास्ते तलाशते रहते हैं। और यही कारण है कि इंटरनेट यूजर्स के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे हमेशा सुरक्षा पर ध्यान दें।

इंटरनेट यूजर्स में से अधिकांश का कहना है कि वे ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन (81 फीसदी) करते हैं और करीब आधे लोगों का कहना है कि वे अपने डिवाइस में वित्तीय आंकड़े (44 फीसदी) भी रखते हैं। केवल 60 फीसदी इंटरनेट प्रयोक्ता ही अपने सभी डिवाइसों को सुरक्षित रखने पर ध्यान देते हैं।

कंपनी ने सलाह दी है कि लोग ऑनलाइन वित्तीय खतरों से प्रभावी ढंग से बचाव के लिए वित्तीय सुरक्षा सुइट ‘कास्पस्र्की सेफ मनी’ का इस्तेमाल करें।

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