योगी की टीम पर डालें एक नजर, कोई नाले में कूदा तो कोई है बहुत बोल्ड

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लखनऊ। प्रदेश के सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने एक साथ कई कड़े फैसले लेकर जनता को विश्‍वास दिला दिया है कि वे प्रदेश को बदलना चाहते हैं। इसी वजह से उन्‍होंने दागी 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इसके बाद उन्‍होंने अपनी टीम में उन लोगों को शामिल किया हैं जो उनके साथ कदमताल कर सकते हैं। योगी ने हमेशा साफ छवि वाले अधिकारियों की तरफदारी की है।

साफ छवि वाले अधिकारियों

हमेशा साफ छवि वाले अधिकारियों को दी पोस्टिंग

बुधवार को योगी आदित्‍यनाथ ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। सीएम योगी ने साफ छवि वाले अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। यहां तक अपने सचिव और विशेष सचिव के रूप में योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छ छवि वाले अधिकारियों की नियुक्तियां की। ये वो अधिकारी हैं, जिनकी छवि से प्रभावित होकर योगी आदित्यनाथ ने उन पर भरोसा किया।

योगी ने अवनीश अवस्थी को बनाया प्रमुख सचिव

गोरखपुर के डीएम रहे अवनीश अवस्थी को यूपी सरकार का प्रमुख सचिव बनाया गया है। ऐसी खबरें आ रही हैं कि अवनीश सीएम योगी आदित्यनाथ के करीबी हैं। वह गोरखपुर में डीएम रह चुके हैं। डीएम रहते हुए सफाई के लिए नाले में उतरने की तस्वीरें भी सामने आई थीं। अवस्थी अप्रैल 2013 से केंद्र के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में संयुक्त सचिव थे।

रिग्जियान सैंफिल

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2003 बैच के आईएएस अधिकारी रिग्जियान सैंफिल को अपने सचिवालय में पहली तैनाती दी। सैंफिल मुख्यमंत्री के विशेष सचिव बनाए गए हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भी विशेष सचिव रहे हैं। सैंफिल ईमानदार छवि के अधिकारी हैं। कुशीनगर के जिलाधिकारी के रूप में आम लोगों के साथ गरीबों के प्रति उनकी संवेदनशीलता हमेशा चर्चा में रही है। अखिलेश सरकार में भी सैंफिल के पास अहम जिम्मेदारियां रही हैं।

मृत्युंजय नारायण

मृत्युंजय नारायण को सीएम योगी का सचिव बनाया गया है। नारायण अपनी साफ-सुथरी छवि के लिए जाने जाते हैं। वो इनोवेशन के लिए भी जाने जाते हैं। वाणिज्य कर विभाग में कमिश्नर रहते हुए मृत्युंजय नारायण ने विभाग में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए ज्यादातर सेवाएं ऑनलाइन कर दी थीं। परिवहन विभाग में भी उन्होंने कई सुधार लागू किए। यही वजह थी कि चुनाव आयोग ने उन्हें आयुक्त, आबकारी जैसे अहम पद पर तैनाती दी थी।

आलोक सिन्हा

नोएडा के अरबपति इंजीनियर रमारमण की जगह आलोक सिन्हा को नोएडा विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी दी गई है। सिन्हा के पास मेरठ के मंडलायुक्त की जिम्मेदारी थी। यूपी कैडर से 1986 बैच के आईएएस आलोक सिन्हा अपनी ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं। भ्रष्टाचार पर चोट करने के साथ ही सरकारी कामकाज में पारदर्शिता के लिए उन्हें जाना जाता है।

अनीता मेश्राम

अनीता मेश्राम योगी आदित्यनाथ की टीम की सबसे बोल्ड महिला अधिकारी हैं। उन्हें बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग का सचिव बनाया गया है। अखिलेश सरकार में सांस्कृतिक सचिव रहते हुए उन्होंने लीक से हटकर काम किए। बतौर सांसद योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर और आसपास के इलाको में बच्चों के स्वास्थ्य पर काफी काम किया है। यही वजह है कि अनीता मेश्राम को योगी की टीम में जगह मिली। वह काफी बोल्ड और साफ छवि वाले अधिकारियों मेेंसेे एक  मानी जाती हैं।

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