सावन में करें ये उपाय तो खुश हो जाएंगे भगवान शिव, हर मनोकामना होगी पूरी

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सावन का महीना भक्तों के लिए विशेष आस्था और धार्मिक महत्व रखता है। शास्त्रों के मुताबिक सावन का महीना भगवान शंकर का महीना माना जाता है। शास्त्रों के मुताबिक इस महीने में भगवान व‌िष्‍णु पाताल लोक में रहते हैं। भगवान श‌िव ही पालनकर्ता भगवान श‌िव के कामों को भी देखते हैं। यानी सावन के महीने में त्र‌िदेवों की सारी शक्त‌ि भगवान श‌िव के पास रहती है। इसल‌िए इस महीने में भगवान श‌िव की पूजा अन्य द‌िनों की अपेक्षा जल्दी फलदायी होती है। सावन में शिवलिंग की पूजा की जाती है और शिवाभिषेक, रुद्राभिषेक आदि भी किया जाता है जिससे भगवान शिव की कृपा हम पर बनी रहे। हमें सबके साथ आत्मीयता का भाव रखना चाहिए, अच्छा व्यवहार करना चाहिए। भगवान शिव के साथ शिवगण, रुद्रगण, भूत-प्रेत, सांप जैसे जहरीले प्राणी और नंदी बैल आदि भी हैं और सभी साथ-साथ रहते हैं, आपस में तालमेल के साथ। उसी तरह हमें भी विभिन्न प्रकार के स्वभावों के साथ तालमेल बैठाकर जीवन जीना सीखना चाहिए। साथ ही इस महीने में भगवान् शिव की कृपा हासिल करने के लिए कुछ सावधानियां भी लोगों को बरतनी चाहिए। इससे विशेष फल प्राप्त होते हैं- 

सावन

सावन में बरतें ये सावधानियां

  • भोजन को प्रसाद की भांति खाना चाहिए न की स्वाद के लिए। पौष्टिकता के नाम पर मन, भाव और आत्मा को विकारी बनाने वाला भोजन अदूरदर्शितापूर्ण आचरण ही होता है। सावन में भगवान शिव को प्रसन्न करने और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए कुछ भोज्य पदार्थों पर प्रतिबंध लगाएं गए हैं जैसे मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन, साग, बैंगन और दूध।
  • मांस- मदिरा, प्याज और लहसुन का सेवन तो कदापि नहीं करना चाहिए। यह अध्यात्म के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा उत्पन्न करते हैं। वैज्ञानिक आधार है कि ये गरिष्ठ होते हैं। और ऐसे ही विचार उत्पन्न कर भक्ति में बाधक बनते हैं।

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  • इस माह में साग खाने से नुकसान होती है। बैंगन को धर्म शास्त्रों में अशुद्घ माना गया है। इन दोनों को खाने के पीछे वैज्ञानिक आधार यह है कि सावन में इनमें कीड़े पड़ जाते हैं। जिससे सेहत को नुक्सान होता है।
  • शास्‍त्रों के अनुसार अधिक दूध न पीएं क्योंकि सावन में दूध वात को बढ़ाता है लेकिन भगवान भोलेनाथ का अभिषेक अवश्य करें।
  •  सावन के महीने में जीवनसाथी के साथ वाद-व‌िवाद और अपश्‍ब्दों का प्रयोग हान‌िकारक होता है। इन द‌िनों श‌िव पार्वती की पूजा से दांपत्य जीवन में प्रेम और तालमेल बढ़ता है इसल‌िए क‌िसी बात से मन मुटाव की आशंका होने पर श‌िव पार्वती की पूजा करनी चाह‌िए और प्रेम एवं सामंजस्य के ल‌िए प्रार्थ‌ना करनी चाह‌िए।
  • सावन का दूसरा मतलब सात्व‌िकता का पालन है क्योंक‌ि श‌िव इन द‌िनों व‌िष्‍णु के कार्य का भी संचलन करते हैं इसल‌िए सावन में मांस, मंद‌िरा के सेवन से परहेज करना चाह‌िए। इससे मन शांत रहेगा और काम क्रोध की भावना पर न‌ियंत्रण रखने में आसानी होगी।

 

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