सावन में रुद्राक्ष धारण करने के हैं बहुत फायदे, जानें और उठाएं लाभ

0

लखनऊ। सावन का पावन महीना शुरू हो चुका है। इस महीने में भगवान शिव की पूजा की जाती है। बताया जाता है कि सावन में रुद्राक्ष धारण किया जाए तो उसके परिणाम बहुत अच्‍छे होते हैं। तो आइये आज आपको रुद्राक्ष के बारे में बताते हैं।

सावन में रुद्राक्ष धारण

सावन में रुद्राक्ष धारण करेंगे तो होंगे अनेक फायदे

रुद्राक्ष का सीधा अर्थ रुद्रस्य अक्ष:अर्थात भगवान शिव के नेत्रों के प्रसन्नाश्रु। पौराणिक ग्रन्थों के अनुसार रुद्राक्ष के जन्म दाता भगवान शिव हैं। इसका प्रमाण लिंगपुराण, स्कंदपुराण ,शिवपुराण,अग्निपुराण आदि ग्रन्थों में स्पष्ट मिलता है। विश्व के सभी देशों व धर्मों के लोग इसकी उपयोगिता स्वीकार्य करते हैं ।

बहुत काम का होता है रुद्राक्ष का श्‍वेत पुष्‍प

रुद्राक्ष के वृक्ष पर श्वेत पुष्प होते हैं व फल की गुठली पर प्राकृतिक रूप में धारियाँ बनी होती हैं। इन धारियों से मुखों की गणना होती है। जिनकी ज्योतिष में अपनी अलग अलग प्रकृति होती है। वैसे ही प्रभाव होता है। रुद्राक्ष को धारण करने से बुद्धि का विकास ,आध्यात्मिक ऊर्जा का विकास, भोग,मोक्ष की प्राप्ति होती है।

जानते हैं रुद्राक्ष के प्रकार

आइये जानते हैं कि रुद्राक्ष के कितने प्रकार व उनको धारण करने से किन -किन चीजों की प्राप्ति होती है।

एक मुखी:– स्वास्थ्य,सफलता मान-सम्मान, आत्मविश्वास, प्रबल आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है।

दो मुखी:-वैवाहिक सुख,मानसिक शांति, सौभाग्य वृद्धि प्राप्त होती है।

तीन मुखी:-शत्रुओं का शमन रक्त विकार को दूर करना व सात्विक ऊर्जा प्रदान करता है।

चार मुखी:-शिक्षा, ज्ञान,  बुद्धि-विवेक, कामशक्ति प्रदान करता है।

पाँच मुखी:-शारीरिक मानसिक प्रबलता, आध्यात्मिक ऊर्जा,विजय दिलाता है।

छह मुखी:- प्रेम संबंध,आकर्षण देता है।

सात मुखी:-,शनि के दोष दृष्टि का निवारण,आत्म शांति देता है।

आठ मुखी:-सर्प भय से मुक्ति व राहु ग्रह से बचाता है।

नव मुखी:-अग्नि भय व केतु ग्रह से बचाता है।

दश मुखी:-कार्य क्षेत्र में प्रगति स्थिरता व वृद्धि फिलाता है।

ग्यारह मुखी:-आर्थिक लाभ व सवृद्धिशाली जीवन देता है

बारह मुखी:-विदेश यात्रा,शक्ति प्राप्ति, नेतृत्व की क्षमता का विकास प्राप्त होता है।

तेरह मुखी:-सर्व जन आकर्षण व मनोकामना पूर्ति होती है।

चौदह मुखी:-आध्यात्मिक उन्नति, शक्ति, धन प्राप्ति देता है।

पन्द्रह मुखी:- भाग्य, ज्ञान व आत्मबल वृद्धि करता है।

गौरशंकर रुद्राक्ष:-सुखी वैवाहिक जीवन मधुर संबंध व आकर्षण देता है।

इन सभी को सुवर्ण धातु में मण्डित कराने व प्राण प्रतिष्ठा करने पर तत्काल प्रभाव देता है।

आचार्य स्वामी विवेकानंद

ज्योतिर्विद 

श्री धाम अयोध्या

संपर्क सूत्र:-9044741252

loading...
शेयर करें