‘हम शांति चाहते हैं लेकिन मजबूती के रूप में, कमजोरी के रूप में नहीं’

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भुवनेश्वर| जम्मू एवं कश्मीर के पंपोर के निकट केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की बस पर एक दिन पहले हुए हमले की निंदा करते हुए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने रविवार को कहा कि यह हताशा में किया गया कार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इससे सख्ती से निपटेगी। रक्षा मंत्री ने पूर्व सैनिकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “गत एक माह में जम्मू एवं कश्मीर में 25 से अधिक आतंकी मारे गए हैं। उनके पास अब भी शक्ति है, सिर्फ यह दिखाने के लिए यह हताशा में किया गया कार्य है।”

मनोहर पर्रिकर

मनोहर पर्रिकर ने सीआरपीएफ के जवानों पर हुए हमले को बताया हताशा का परिणाम

इस घटना को बहुत दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए पर्रिकर ने कहा कि उन्हें इस बात का संदेह है कि क्या इस मामले में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन किया गया था?

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना के वास्तविक कारण का पता केवल जांच के बाद ही चल पाएगा।

उन्होंने कहा, “यह देश शांति चाहता है। हम शांति चाहते हैं लेकिन मजबूती के रूप में, कमजोरी के रूप में नहीं।”

पर्रिकर ने सैनिकों से कहा कि आतंकी हमले के मामले में पलटकर हमला करें।

जम्मू एवं कश्मीर में शनिवार को सीआरपीएफ की एक बस पर हुए आतंकी हमले में आठ जवान शहीद हो गए जबकि 22 घायल हो गए।

बाद में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ऐसा करके भारत आने वाले वर्षो में निर्यात का केंद्र बन जाएगा।

उन्होंने कहा कि ओडिशा के सुनाबेडा में हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के मिग फैक्ट्री की क्षमता दो-चार वर्षो में दोगुनी हो जाएगी।

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