गाड़ी से लाल बत्ती हटाते हुए सीएम रावत बोले, पीएम का आदेश सिर आखों पर

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देहरादून। जब से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में वीआईपी गाड़ियों से लालबत्ती हटाने का फैसला किया गया है। उसके बाद से ही बीजेपी के मंत्रियों ने अपनी गाडियों से लाल बत्तियां हटानी शुरू कर दी। यही नहीं उत्तराखंड में भी सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत सभी मंत्रियों ने अपनी गाड़ियों से लालबत्ती हटा ली है।

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज सुबह अपनी गाड़ी से लालबत्ती हटवा दी

फैसले के बाद से प्रकाश पंत, हरक सिंह रावत और मदन कौशिक ने बुधवार को ही सरकारी वाहन से लाल बत्ती हटा ली थी। और सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज सुबह अपनी गाड़ी से लालबत्ती हटवा दी। इसके अलावा वित्त मंत्री प्रकाश पन्त, र्यावरण मंत्री डॉ हरक सिंह रावत, शहरी विकास, आवास मंत्री मदन कौशिक आदि सभी मंत्रियों ने भी अपनी सरकारी कार से तत्काल लालबत्ती हटा दी।

बता दें, केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को सभी नेताओं, जजों व सरकारी अफसरों की गाड़ियों से लाल बत्ती हटाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि ये फैसला एक मई से लागू होगा और इसके लागू होते ही पूरे देश में लालबत्ती का चलन खत्म हो जाएगा। इस फैसले के बाद ही उत्तराखंड में कई मंत्रियों ने अपनी गाड़ी से लालबत्ती हटवा ली थी।

लेकिन सीएम रावत ने आज सुबह अपनी गाड़ी से लालबत्ती हटवा दी। केंद्र के इस फैसले का स्वागत करते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि केंद्र के इस फैसले को अमल में लाने के लिए अगली कैबिनेट में इस प्रस्ताव को शामिल किया जाएगा।

दरअसल, प्रदेश में 13 अप्रैल 2016 को लाल, नीली व पीली बत्तियों को लेकर शासनादेश जारी किया गया था। इसमें इस बात का उल्लेख किया गया था कि किस-किस पद के धारक कैसे रंग की बत्तियों का प्रयोग कर सकते हैं। आपातकालीन सेवा जैसे एंबुलेंस, अग्निशमन यान, पायलेट के रूप में प्रयुक्त पुलिस वाहन व कानून-व्यवस्था में संचालित वाहनों में नीली, सफेद व नारंगी रंग की बहुरंगी बत्तियों का उपयोग किया जाता है।

केंद्र सरकार की तरफ से इन्हें मिली है फ्लैशर युक्त लाल बत्ती

राज्यपाल, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, राज्य सरकार के मंत्री।

इन्हें मिली है बिना फ्लैशर की लाल बत्ती

विधानसभा के उपाध्यक्ष, मुख्य सचिव, अध्यक्ष लोक सेवा आयोग, महाधिवक्ता उत्तराखंड, अध्यक्ष अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग व आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग

इन्हें मिली है फ्लैशर युक्त नीली बत्ती

अध्यक्ष राजस्व परिषद, अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास आयुक्त, आयुक्त वन एवं ग्राम्य विकास, समस्त प्रमुख सचिव व सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक, मंडलायुक्त, परिवहन आयुक्त, आबकारी आयुक्त, व्यापार कर आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, परिक्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षक, अपर सचिव, विभागाध्यक्ष, जनपद न्यायाधीश व उनके समकक्ष अधिकारी, उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारी एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अधीक्षक व मुख्य विकास अधिकारी

इन्हें मिली है फ्लैशर युक्त पीली बत्ती

अपर पुलिस अधीक्षक, सेनानायक पीएसी, आईआरबी, संभागीय परिवहन अधिकारी, एडीएम, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, एआरटीओ प्रर्वतन, जिला आबकारी अधिकारी व विभाग के प्रवर्तन अधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस, प्रभारी निरीक्षक व तहसीलदार।

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