सीरिया पर ऐलान कर पुतिन ने दुनिया को चौंकाया

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वॉशिंगटन। रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सीरिया पर बयान देकर सबको चौंका दिया है। पुतिन ने अपनी रूसी सैनिकों का आदेश दिया है कि वे  सीरिया के मुख्य हिस्से से हट जाएं। पुतिन ने अपने डिप्लोमैट्स को यूएन की मध्यस्थता वाली बातचीत की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने को कहा है।

पुतिन

पुतिन से सीरियाई राष्ट्रपति ने की बात

सीरिया ने इस मामले में रूस के साथ किसी भी तरह की टकराव की बात से इनकार किया है। रूस सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद का प्रमुख समर्थक है। राष्ट्रपति असद के कार्यालय ने भी एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति असद भी रूस के इस कदम से सहमत हैं। बताया गया कि राष्ट्रपति बशर अल असद ने पुतिन से फोन पर बात कर रूसी सैनिकों की संख्या में कटौती पर सहमति जताई।

पांच सालों से लागू है संघर्षविराम

सीरिया में पिछले पांच वर्षों से जारी गृहयुद्ध में 26 फरवरी को पहली बार संघर्षविराम लागू किया गया है। इसके बाद संघर्ष के प्रमुख इलाकों में गोलीबारी बंद है।

बराक ओबामा ने भी की चर्चा

वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी सीरिया में रूस की सेना की सुनियोजित वापसी पर चर्चा की। व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि उन्होंने सीरिया से रूसी बलों की आंशिक वापसी की राष्ट्रपति पुतिन की घोषणा और संघर्ष विराम को पूरी तरह लागू करने के लिए आवश्यक अगले कदमों पर बात की। इससे पूर्व अमेरिकी अधिकारियों ने ‘सीरियाई अरब गणराज्य से रूसी सैन्य टुकड़ियों के अहम भाग’ की वापसी शुरू करने के पुतिन के आदेश के सतर्क प्रारंभिक मूल्यांकन का प्रस्ताव रखा।

रूसी हस्तक्षेप का मकसद हासिल

पुतिन का बयान उस समय आया है जब जिनेवा में सीरिया के पांच साल लंबे गृह युद्ध को खत्म करने के लिए शांति वार्ता का ताजा दौर चल रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि सीरिया में रूसी हस्तक्षेप का जो मकसद था उसे काफी हद तक हासिल किया जा चुका है। पुतिन ने सितंबर में हवाई हमले शुरू करके और बड़े स्तर पर सेना की तैनाती करके लंबे और बर्बर युद्ध में हवा का रख सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद की ओर मोड़ दिया था और उनकी सत्ता को ढहने की कगार से बचा लिया था। हाल में शुरू किए गए ‘संघषर्विराम’ का बार बार उल्लंघन किया गया है लेकिन ओबामा ने कहा कि इससे ‘हिंसा में काफी कमी आई है।’

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