आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है सुंदरकाण्ड का पाठ करना

नई दिल्‍ली। मंगलवार को दिन बजरंगबली का होता हे। कहा जाता है इस दिन सुंदरकांड का पाठ करने से शांति मिलती है। वहीं यह भी कहा गया है कि ज्यादा परेशानी हो, कोई काम नहीं बन रहा हो, आत्मविश्वास की कमी हो या कोई और समस्या, सभी को दूर करने के लिए सुंदरकाण्ड का पाठ करने लाभ होता है। यह गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस के सात काण्डों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

सुंदरकांड का पाठ

भक्त की विजय दर्शाता है सुंदरकांड का पाठ

संपूर्ण रामचरितमानस भगवान राम के गुणों और उनकी पुरुषार्थ से भरा है। सुंदरकाण्ड एकमात्र ऐसा अध्याय है जो भक्त की विजय का काण्ड है। वानर हनुमान समुद्र को लांघकर सीता जी की खोज में लंका पहुंच गए। वहां उनको श्रीराम का संदेश देने के साथ ही लंका को जलाया और सीता का संदेश लेकर लौट आए।

बढ़ाता है आत्मविश्वास

मनोवैज्ञानिक नजरिए से देखा जाए तो यह आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति बढ़ाने वाला काण्ड है। यह एक आम आदमी की जीत का कांड है, जो अपनी इच्छाशक्ति के बल पर इतना बड़ा चमत्कार कर सकता है। इसमें जीवन में सफलता के महत्वपूर्ण सूत्र भी हैं। इसलिए पूरी रामायण में सुंदरकाण्ड को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि यह व्यक्ति में आत्मविश्वास बढ़ाता है।

मिलती है हनुमान जी की कृपा

बजरंग बली को प्रसन्न करने के लिए हनुमान चालीसा के अलावा सुंदरकाण्ड का पाठ भी सबसे अच्छा उपाय है. इससे उनकी कृपा बहुत जल्दी प्राप्त होती है। दुखों को हरने और मानसिक शांति के लिए भी यह पाठ किया जाता है. हनुमान जी के प्रसन्न होने के साथ ही इस पाठ से श्रीराम की भी कृपा मिलती है। इस तरह हर परेशानी को दूर करने और जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए सुंदरकाण्ड का पाठ एक श्रेष्ठ और सरल उपाय है।

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.