चिटफण्ड घोटाले के आरोपी सुदीप को कोर्ट ने 10 दिन तक सीबीआई हिरासत में भेजा

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कोलकाता. लम्बे समय से चल रहे रोजवैली चिटफंड घोटाले में एक नया मोड़ आया हैं. चिट फण्ड केस के मामले में गिरफ्तार लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय को बुधवार को भुवनेश्वर की अदालत में पेश किया गया. अदालत ने बंद्योपाध्याय को छह दिनों के  10 जनवरी तक सीबीआइ की हिरासत में भेज दिया. सीबीआइ ने उनकी 12 दिनों की हिरासत मांगी थी.

सुदीप

सुदीप बंद्योपाध्याय की कई बैठकों के मामले से उठा पर्दा

गौरतलब है कि बंद्योपाध्याय को रोजवैली घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के आरोप में मंगलवार को सीबीआइ ने गिरफ्तार किया था. मंगलवार रात को ही उन्हें कोलकाता से भुवनेश्वर ले जाया गया. बुधवार को उन्हें भुनेश्वर की सीबीआइ अदालत में पेश किया गया. सीबीआइ के अधिवक्ता ने कोर्ट से 12 दिनों की हिरासत की मांग करते हुए कहा कि रोजवैली के प्रमुख गौतम कुंडू के साथ संदीप बंद्योपाध्याय की कई बैठकें हुई हैं.
इसके साथ ही बंद्योपाध्याय के विदेश दौरे का खर्च भी रोजवैली ने उठाया था. रोजवैली के रीयल एस्टेट के कारोबार के साथ भी बंद्योपाध्याय जुड़े थे. इस बाबत जांच एजेंसी बंद्योपाध्याय से विस्तृत पूछताछ करना चाहती है. दूसरी ओर, बंद्योपाध्याय के अधिवक्ता ने सीबीआइ के आरोप को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि जांच एजेंसी  के पास कुंडू के साथ उनकी (सुदीप) बैठक का कोई प्रमाण नहीं है और जहां तक  विदेश दौरे की बात है, तो  बंद्योपाध्याय ने 2012 में अपने ट्रेवल एजेंट को ड्राफ्ट से पांच लाख रुपये का भुगतान किया था. बंद्योपाध्याय को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है. इस बीच, बंद्योपाध्याय ने अदालत परिसर में कहा कि केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले का वह अग्रणी रूप से विरोध कर रहे थे. उन्होंने फैसले के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभायी थी, क्योंकि नोटबंदी के फैसले से देश की जनता को काफी परेशानी हो रही थी. इस कारण ही राजनीतिक बदले की कार्रवाई के तहत उन्हें फंसाया गया है.  ज्ञात रहे कि चिटफंड कंपनी रोजवैली का कारोबार पश्चिम बंगाल और ओड़िशा सहित कई राज्यों में फैला था.
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