सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश, कहा- …तो 1 जून से जनता के खोल दिया जाए ईस्टर्न एक्सप्रेस-वे

नई दिल्ली: हरियाणा और यूपी के शहरों को जोड़ने वाले 135 किमी लंबे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन में हो रही देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा कदम उठाया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर एक्सप्रेस-वे पूरी तरह से तैयार है तो उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री का इंतजार न करें। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि अगर आप लोगों ने इस महीने के आखिरी तक इसका उद्घाटन नहीं किया तो 1 जून से इसे जनता के लिए बिना किसी उद्घाटन के खोल दिया जाए।

इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें बताया गया था कि इस एक्सप्रेस-वे का काम पूरा हो चुका है और प्रधानमंत्री अप्रैल के आखिरी तक इसका उद्घाटन कर देंगे। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक पीएम मोदी भारत में नहीं रहेंगे

कोर्ट ने नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) से कहा कि इसे बनाने में मेहनत आप लोगों ने लोगों ने की है। आप लोग ही इसका उद्घाटन क्यों नहीं कर देते। आखिर पीएम का इंतजार क्यों, सरकार की ओर से कोर्ट में पेश हुए ASG भी उद्घाटन कर सकते हैं।

मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उदाहरण मेघालय कोर्ट का उदाहरण भी दिया। कोर्ट ने कहा कि मेघालय हाईकोर्ट में पिछले पांच साल से काम कर रहा है, लेकिन आजतक उसका उद्घाटन नहीं हुआ है। सुनवाई में NHAI ने बताया कि हमने उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री से कहा है। इस पर अदालत ने कड़े लहजे में कहा कि पिछली सुनवाई में भी आपने कहा था कि अप्रैल में उद्घाटन होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

गौरतलब है कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे 135 किलो मीटर लंबा है।यह कुंडली से शुरू होता है और गाजियाबाद के रास्ते परवल तक जाता है।  इस एक्सप्रेस-वे से सफर की दूरी काफी कम हो जाएगी और सफर का समय भी लगभग आधा हो जाएगा।ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर सात इंटरचेंज मौजूद हैं, जिससे एक से दूसरे शहर तक जा सकते हैं। पहले 29 अप्रैल को इसका उद्घाटन होने वाला था, लेकिन अब इसकी तारीख बढ़ा दी गई है।

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