लहराया नारी शक्ति का परचम, सुप्रीम कोर्ट में वकील से सीधे जज बनने वाली पहली महिला होंगी इंदु मल्होत्रा

0

नई दिल्ली। देश में नारी शक्ति की नई मिसाल का नाम है इंदु मल्होत्रा। इंदु सुप्रीम कोर्ट में वकील से सीधे जज बनने वाली पहली महिला होंगी। केंद्र सरकार की तरफ से उनके जज बनने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। सूत्रों के मुताबिक इंदु शुक्रवार को अपने पदभार ग्रहण की शपथ ले सकती हैं। जल्द ही इस बारे में अधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना जताई जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने इंदु मल्होत्रा के नाम को स्वीकृति दी
सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम ने इंदु मल्होत्रा के नाम को अपनी स्वीकृति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा के अलावा जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई ने उनके नाम को स्वीकृति दी है। इंदु मल्होत्रा के अलावा कुल 12 नामों पर मंजूरी दी गई है जोकि चार कोर्ट के जज होंगे। गुजरात हाई कोर्ट के लिए पांच जज, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के लिए चार जज, मद्रास हाई कोर्ट के लिए दो जज और बॉम्बे हाई कोर्ट के लिए एक जज के नाम का प्रस्ताव पास किया गया है।

इंदु मल्होत्रा के पिता भी हैं वरिष्ठ वकील
इंदु मल्होत्रा के परिवार में अधिकांश लोग वकालत करते हैं। उनके पिता ओपी मल्होत्रा वरिष्ठ वकील थे। इसके अलावा उनके भाई व बहन भी वकालत के पेशे से जुड़े हुए हैं। 1983 में अपना करियर शुरु करने वाली इंदु ने दिल्ली विश्विद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की है।

2007 में सीनियर ऐडवोकेट का दर्जा पाने वाली इंदु मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट की सातवीं महिला जज बन सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट में इस समय 25 में से सिर्फ एक महिला जज है, इंदु दूसरी जज होंगी। 1988 में 26 नवंबर को इंदु को मुकेश गोस्वामी मेमोरियल अवॉर्ड से नवाजा भी जा चुका है।

सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला जज बनने का रिकॉर्ड एम फातिमा बीवी के नाम है, जोकि साल 1898 में देश की सर्वोच्च अदालत की की न्यायाधीश बनी थीं।

loading...
शेयर करें