दो साल बाद जेल से बाहर आए सुब्रत रॉय सहारा

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नई दिल्ली। तिहाड़ जेल में बंद सहारा इंडिया समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय सहारा की मां छवि राय का गुरुवार देर रात निधन हो गया। खबर मिली है कि सुब्रत राय सहारा अपनी मां के अंतिम संस्‍कार में शामिल होने केे लिए जल्‍द पैरोल पर बाहर आ सकते हें।

सुब्रत रॉय सहारा

तिहाड़ जेल में बंद हैं सुब्रत रॉय सहारा

तिहाड़ जेल में बंद सुब्रत रॉय सहारा से करीब दो वर्ष से मिलने का इंतजार कर रहीं उनकी बीमार मां बेटे से मिलने की इच्छा में ही जिंदा थीं। बेटे से मिलने की अधूरी इच्छा के साथ गुरुवार देर रात 1:34 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। बीमार मां श्रीमती छबि रॉय के लिए लखनऊ के सहारा शहर, गोमतीनगर में ही एक छोटा का अस्पताल बनाया गया था।

लंबे समय से थीं बीमार

जहां पर वह करीब दो वर्ष से डॉक्टरों की देखरेख में थीं। वह लंबे समय से बीमार चल रही थी। सूत्रों के मुताबिक सहाराश्री अपने मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल पर जेल से बाहर आ सकते हैं। कहा जा रहा है कि सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय सहारा ने अंतरिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। इस अपील पर शुक्रवार को दोपहर में सुनवाई है।

समाजसेवा में बीता जीवन

सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय सहारा की मां 95 वर्षीया छबि रॉय का लंबे समय से इलाज चल रहा था। स्वर्गीय सुधीर चंद्र रॉय की पत्नी छबि रॉय अररिया बिहार में जन्मी थीं। उनके पिता का नाम स्वर्गीय माखन लाल दासगुप्ता था। अपने जीवन के दौरान वो हमेशा समाजसेवा के काम से जुड़ी रहीं। वह हर वर्ष सैकड़ों ऐसी लड़कियों का विवाह कराती थीं जो बेसहारा हैं और जिनके माता-पिता उनकी शादी कराने में असमर्थ हैं। गरीब और बेसहारा लोगों के लिए उनके मन में विशेष श्रद्धा भाव था।

शुक्रवार दोपहर को पेरोल पर होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट सहाराश्री को पैरोल देने के मामले में शुक्रवार की दोपहर में सुनवाई करेगा। गौरतलब है कि बता दें सहाराश्री अपनी मां के बहुत करीब थे और वे उनके नाम पर वृद्धाश्रम से लेकर गरीब लड़कियों की शादी करने जैसे सामाजिक कार्य किया करते थे। इस बीच लखनऊ स्थित सहारा शहर में उनके अंतिम दर्शन के लिए भीड़ इकट्ठी होनी शुरू हो गई है।

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