सुशांत सिंह के मौत पर बोले गजेंद्र चौहान- इच्छाओं को मारिए, खुद को नहीं

टीवी और फिल्म इंडस्ट्री में पिछले कुछ समय से एक-दो नहीं बल्कि कई स्टार्स ने खुदकुशी की है. इसमें से ज्यादातर अपने करियर और जिंदगी से परेशान थे. पर्दे पर दर्शकों को खुशी और सुकून के पल देने वाले ये कलाकार असल जिंदगी में डिप्रेशन और परेशानियों के आगे हर गए. टीवी और फिल्मों की चकाचौंध हर किसी को लुभाती है और अपनी तरफ खींचती है, सभी को लगता है कि यहां शोहरत है, इज्जत है, नाम है और ढेर सारा पैसा है. लेकिन इस फिल्मी दुनिया की चौकाचौंध के पीछे छिपी सच्चाई भी लोगों के सामने आती जा रही है जिसे देख लोग हैरान हैं.

एक्टर और FTII के पूर्व चेयरमैन गजेन्द्र चौहान ने आजतक के साथ बातचीत में कहा, “आत्महत्या कभी भी प्लान नहीं की जाती है, ये सिर्फ भावावेग में आकर होती है, ऐसा नहीं है कि ये सिर्फ कलाकार ही कर रहे हैं, ऐसा कोई भी इंसान कर सकता है, डिप्रेशन कई कारणों से हो सकता है.”

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले पर गजेन्द्र चौहान ने कहा, “सुशांत सिंह को मैं तब से जानता हूं जब वो CINTA में कार्ड बनवाने मेरे पास आया था. वो बहुत ही जिंदादिल इंसान था, पढ़ा लिखा था, हंसमुख था और टैलेंटेड एक्टर था, उसकी एक बात जो मुझे याद आती है वो ये कि जब वो टीवी कर रहा था तो उसे ये ख्वाहिश थी कि वो फिल्में करे.”

“इतना कॉन्फिडेंस था उसमें, दूसरा वो पढ़ा लिखा था तो उसने अपने करियर को प्लान भी अच्छा किया था, मैं आपको बताना चाहता हूं कि फिल्म इंडस्ट्री में सिर्फ दो चीजें चलती हैं टैलेंट और बिहेवियर. ये दोनों ही क्वॉलिटी उसमें थीं पर कौन सा इमोशनल इश्यू उसे परेशान कर रहा था.”

महाभारत में युधिष्ठिर का किरदार निभा चुके गजेंद्र चौहान ने बताया, “ये जांच एजेंसी का विषय है इसलिए इस पर मैं टिप्पणी नहीं करूंगा लेकिन जो हादसा हुआ हैं उसका मुझे भी काफी दुख है, आखिर में मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा कि इंसान को अपनी बेवजह की इच्छाओं को मारना चाहिए ना कि खुद को.”

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