श्रीलंका दौरे पर सुषमा ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की

कोलंबो| विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का श्रीलंका दौरा कल समाप्त हो गया। इस बीच सुषमा ने दौरे के आखिरी दिन दो समझौता-ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की, जिसमें रक्षा एवं आर्थिक सहयोग के अलावा विवादित मछुआरों का मुद्दा भी शामिल रहा। अंतर-मंत्रालयी प्रतिनिधिमंडल के साथ सुषमा ने राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना सहित श्रीलंका के कई नेताओं से मुलाकात की।

इससे पहले श्रीलंका के विदेश मंत्री मंगला समरावीरा की संयुक्त अध्यक्षता में सुषमा ने भारत और श्रीलंका के बीच संयुक्त आयोग के नौवें सत्र में हिस्सा लिया।

सुषमा स्वराज

सुषमा स्वराज ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति, तमिल नेताओं से की मुलाकात

भारतीय उच्चायोग की ओर से कल जारी वक्तव्य के अनुसार, “संयुक्त आयोग की बैठक में भारत और श्रीलंका के बीच बहुआयामी संबंधों की गहराई, तीव्रता और विशिष्टता को स्वीकार किया गया, जो सभ्यताओं और नागरिकों के बीच संबंधों पर आधारित है।”

वक्तव्य के अनुसार, दोनों देशों ने आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के लिए तैयारियों का जायजा भी लिया।वक्तव्य में कहा गया है, “भारत मार्च की शुरुआत में कोलंबो में नॉन टैरिफ बैरियर्स (एनटीबी) और फाइटोसैनिटरी बैरियर्स (पीटीबी), नियमन और प्रक्रिया के संबंध में एक कार्यशाला का आयोजन करेगा।”

दोनों देशों ने इस बीच कई परियोजनाओं में आगे भी समन्वय जारी रखने पर चर्चा की, जिसमें पलाली हवाई अड्डा, कांकेसनतुराई बंदरगाह पर बुनियादी ढांचे का विकास, सापुर बिजली संयंत्र और त्रिंकोमाली में विशेष आर्थिक क्षेत्र की स्थापना जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भी साथ काम करने पर सहमति जताई।

इसके अलावा नागरिक उड्डयन में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई और सितंबर, 2013 से लंबित हवाई सेवा समझौता पर जल्द से जल्द नया समझौता करने का अह्वान भी किया। भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई अंतर्राष्ट्रीय सौर ऊर्जा गठबंधन में शामिल होने के लिए श्रीलंका का आभार जताया।

भारत द्वारा चलाई जा रही आवास योजना की संयुक्त आयोग ने समीक्षा की और कार्य में प्रगति पर संतुष्टि व्यक्त की। परियोजना के तहत 50,000 घरों के निर्माण या मरम्मत की योजना थी और संयुक्त आयोग के अनुसार, अब तक 44,000 घरों का निर्माण या मरम्मत पूरी हो चुकी है।

पर्यटन के क्षेत्र में दोनों देशों ने श्रीलंका में रामायण मार्ग के निर्माण और दक्षिण एशिया में बौद्ध सर्किट के निर्माण में सहयोग पर चर्चा की। इससे पहले सुषमा ने पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा और विपक्ष के नेता तमिल नेशनल एलाएंस (टीएनए) के आर. संपतन से भी मुलाकात की।

सुषमा के साथ आए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्विटर पर कहा, “एक पुराने मित्र के साथ संबंधों को ताजा करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा से उनके आवास पर मुलाकात की।”

इससे पूर्व स्वराज ने राष्ट्रपति सिरिसेना से मुलाकात कर उन्हें शुक्रवार को आयोजित भारत-श्रीलंका संयुक्त आयोग की बैठक के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने श्रीलंका में चल रहे भारत महोत्सव ‘संगम’ में आयोजित एक प्रदर्शनी ‘राइज ऑफ डिजिटल इंडिया’ का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर सुषमा ने कहा कि भारत सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में श्रीलंका की मदद के लिए तैयार है, साथ ही श्रीलंका में एक आईटी पार्क स्थापित करने में भी भारत मदद करेगा।

सुषमा ने कहा, “श्रीलंका के विदेश मंत्री मंगला समरावीरा से बातचीत के दौरान दोनों देशों के विकास के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के महत्व पर भी और डिजिटल हो रही दुनिया से पैदा होने वाले अवसरों का लाभ उठाने पर हमने चर्चा की।”

इस प्रदर्शनी में भारत में कंप्यूटर और डिजिटल क्षेत्र में हो रही तेज तरक्की और उससे लोगों के जीवन पर पड़ रहे सकारात्मक प्रभावों को दर्शाया गया है।

सुषमा ने कहा, “हमें यह अहसास है कि दोनों देशों के बीच सूचना प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल क्षेत्र में समन्वय स्थापित करने के अपार अवसर हैं। भारत ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काफी तरक्की कर ली है और मैंने उनसे कहा कि हम इस क्षेत्र में श्रीलंका को मदद देने के लिए तैयार हैं। सुषमा ने तीन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की।

विकास स्वरूप ने ट्वीट किया, “बैठक भोजनावकाश के बाद तक चलती रही। तमिल प्रोग्रेसिव अलायंस के नेताओं ने सुषमा स्वराज से मुलाकात की।”

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