भारत अब ‘सेक्स टॉयज’ का भी बड़ा बाजार

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नई दिल्ली। सेक्स टॉयज की शुरुआत तक़रीबन 20 साल पहले हुई। अंतरंग प्रॉडक्ट्स बनाने वाली कंपनी चलने के मकसद से सेक्स टॉयज की दुनिया में अपने जीवन की शुरुआत की थी। इस कंपनी का मकसद महिलाओं, पुरुषों और कपल्स की जिंदगी में प्लेज़र को बढ़ाना था।

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सेक्स टॉयज

सेक्स टॉयज कंपनी ने महिलाओं पर किया फोकस

शुरू में सेक्स टॉयज ज्यादातर उत्पाद पुरुषों के लिए ही बन रहे थे लेकिन कंपनी महिलाओं के लिए सेक्स टॉयज बनाने का सपना देख रही थी कंपनी के मालिक का मानना था कि महिलाएं सेक्स टॉयज इंडस्ट्री का फ्यूचर होंगी।

CalExotics  सेक्स टॉयज के बिजनस में बड़ा बदलाव लाई है, लेकिन इससे पहले तमाम चुनौतियां भी सामने आईं। जब कंपनी के लोग अपने प्रॉडक्ट्स बेचने के लिए स्टोर दर स्टोर घूमते थे हर स्टोर पर प्रॉडक्ट्स रखने के लिए बड़ी मुश्किल होती थी।

कंपनी की मालिक थी महिला

उस वक्त कोई ऐसी सेक्स टॉय कंपनी नहीं थी, जिसकी मालिक कोई महिला हो, इसलिए उन्हें मुझ पर विश्वास नहीं होता था। जब मैंने शुरू किया तब लोग मुझ पर इन प्रॉडक्ट्स की पैकेजिंग सुधारने, इन्हें महिलाओं के लिए उपयोगी बनाने और कंपनी की चीफ एग्जिक्यूटिव होने पर हंसते थे।

कंपनी की मालिक महिला क्यों नहीं

मेरा मानना था कि महिलाएं क्यों नहीं? घरेलू खरीददारी पर उनका सबसे अधिक प्रभाव रहता है। सेक्स टॉयज इंडस्ट्री में वह मेरा टारगेट थीं, 20 साल बाद मेरा मानना है कि वह बदलाव की ओर बढ़ने लगी हैं। बीते कुछ सालों में sex toys इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव आया है। द स्ट्रीट डॉट कॉम के मुताबिक 2020 तक सेक्स टॉयज इंडस्ट्री का कारोबार 52 अरब डॉलर यानी 3432 अरब रुपये का होगा। फिलहाल यह कारोबार 15 अरब डॉलर का है।

वॉलमार्ट और सीवीएस जैसी दिग्गज ग्लोबल कंपनियां भी इस इंडस्ट्री में निवेश कर रही हैं। यह बड़ा बदलाव है, एक वक्त था जब sex toys को काउंटर के अंदर ही रखा जाता था और सीक्रट पासवर्ड बताने पर ही उन्हें निकाला जाता था। एक वक्त में इन्हें बेचना अवैध भी था।

भारत की बात करें तो यहां sex toys की बिक्री को लेकर कोई स्पष्ट नियम नहीं है, लेकिन प्रॉडक्ट्स के ग्रैफिक नेचर को लेकर जरूरत यहां चिंताएं रहती हैं।

भारत को माना जाता है कामसूत्र की धरती

भारत को कामसूत्र की धरती भी कहा जाता है। अब भारत के लोग भी संवेदनशील प्रॉडक्ट्स के लिए तैयार हैं। इन बैरियर्स का टूटना आसान नहीं था। अनुमान के मुताबिक हर साल भारत में सेक्स टॉयज 2,500 करोड़ रुपए का कारोबार कर रहा है।

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