सेना के जवान और कड़े इंतजाम, ताकि शांतिपूर्ण हो मतदान

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सग़ीर ए ख़ाकसार।

बढनी,सिद्धार्थ नगर। पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल में कल  28 जून को होने वाले दूसरे चरण के स्थानीय निकाय के चुनाव के मद्देनज़र अभूत पूर्व तैयारी की गयी है। सुरक्षा के कड़े इंतेज़ाम किये गए हैं। इसके लिए कुछ जगहों पर सेना की तैनाती की गई है। नेपाल के तीन प्रदेशों में होने वाले चुनाव के दो दिन पूर्व ही भारत नेपाल सीमा बन्द कर दी गयी है।

सेना

सेना को निस्पक्ष चुनाव के लिए लगाया गया

तीन प्रदेशों के 8 हज़ार से भी अधिक मतदान केंद्रों पर डेढ़ लाख से भी ज़्यादा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। यही नहीं संवेदन शील समझे जाने वाले मतदान केंद्रों पर सेना के जवानों की भी तैनाती की गई है। नेपाली सेना, सशत्र प्रहरी व नेपाल प्रहरी को स्वतंत,शांतिपूर्ण और निस्पक्ष चुनाव के लिए लगाया गया है।

निर्वाचन आयोग के अनुसार नेपाल के प्रदेश संख्या एक ,पांच व सात के 35 जिलों के 334 पदों के लिए दूसरे चरण में चुनाव होना है।जिसमें 1 महानगर पालिका,7 उपमहानगर पालिका,111 नगर पालिका व 215 गांव पालिका शामिल है।कुल 64 लाख 32 हज़ार 7 सौ 65 मतदाता 15 हज़ार 38 प्रतिनिधि चुनेगें।आयोग के अनुसार नेपाली संविधान तथा स्थानीय तह निर्वाचन कानून 2073 के मुताबिक महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए उन्हें राजनैतिक रूप से सबल बनाने के उद्देश्य से महिला प्रतिनिधियों को प्रमुखता दी गयी है।

नगर पालिका के प्रमुख/उप प्रमुख तथा गांव पालिका के अध्यक्ष /उपाध्यक्ष पदों में एक एक पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। यही नहीं महिला ,दलित,अल्पसंख्यकों के मनोयन दस्तूर में भी 50 फीसदी की छूट दी गयी है।दूसरे चरण के चुनाव में 66 हज़ार 9 सौ कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है।

पहले चरण में हुए चुनाव के बाद निर्वाचन आयोग दूसरे चरण के चुनाव में कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। इसलिए सुरक्षा को लेकर बेहद चौकन्ना है। आयोगअति सक्रियता बरत रहा है।संवेदनशील समझे जाने वाले क्षेत्रों का आयोग जायज़ा भी ले रहा है।

सेना की तैनाती दूसरे चरण के लिए

बुटवल में मंगलवार को बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस करके प्रहरी नायब उप महानिरीक्षक मधु प्रसाद पुडासैनी ने संवेदन शील समझे जाने वाले मतदान केंद्रों की जानकारी भी दी।श्री पुडासैनी ने बताया कि लुम्बिनी में करीब 346 मतदान स्थल अतिसंवेदनशील तथा लगभग 245 स्थल को संवेदनशील घोषित किया गया है।इस जिले में लगभग 25 हज़ार पुलिस कर्मियों की तैनाती की गयी है।

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दूसरे चरण के चुनाव का मधेशवादी दल राजपा ने जम कर विरोध किया था।जगह जगह हिंसा भी हुई थी।जिसकी वजह से नामांकन की तारीख को भी दो दिनों के लिए टालनी पड़ी थी।हालांकि इस का प्रभाव चुनाव में भाग ले रहे उम्मीदवारों पर पड़ा।उन्हें प्रचार के लिए कम समय मिला।क्योंकि नामांकन की तिथि तो बढ़ाई गई लेकिन मतदान की तिथि को पूर्व  समय के अनुसार ही रखा गया।बहरहाल जो भी हो ,आयोग ने  स्वतंत्र ,निष्पक्ष व शांतिपूर्ण मतदान की समस्त तैयारी पूरी कर ली है।

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