सैफ, सोनाली, तब्‍बू और नीलम को ये लोग नहीं करेंगे माफ, ऊपरी अदालत में करेंगे अपील

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काला हिरण शिकार केसजोधपुर। काला हिरण शिकार केस में आज फैसला चल रहा है। इस मामले में आज स्‍थानीय कोर्ट ने सलमान खान को दोषी करार दे दिया है, जबकि बाकी आरोपियों सैफ अली खान, तब्‍बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम को बरी कर दिया गया है। सलमान खान को दोषी करार दिए जाने के बाद अब उनको सजा होनी तय है।

काला हिरण शिकार केस

वहीं दूसरी तरफ सैफ, तब्‍बू, सोनाली और नीलम के बरी होने के बाद भी अभी इनकी मुश्किलें खत्‍म नहीं हुई हैं। दरअसल कोर्ट के इस फैसले से बिश्‍नोई समाज नाराज है। बिश्नोई समाज इतनी आसानी से बरी किए गए इन सितारों को माफ करने के मूड में नहीं है। यही वजह है कि बिश्नोई सभा ने ऐलान किया है कि वह काले हिरण शिकार मामले में बरी किए गए चारों बॉलीवुड सितारों के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेगी।

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आपको बता दें कि साल 1998 में राजस्थान के जोधपुर जिले के कांकाणी गांव में सलमान खान ने फिल्म हम साथ-साथ हैं कि शूटिंग के दौरान 2 काले हिरणों का शिकार किया था। सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम भी शिकार के दौरान सलमान खान के साथ ही थे। वहीं एक स्थानीय निवासी दुष्यंत सिंह, जो कि शिकार के समय सलमान खान के साथ ही था, उसे भी अदालत ने बरी कर दिया है।

इससे पहले इस केस में 28 मार्च को ट्रायल कोर्ट में सुनवाई पूरी कर ली गई थी। इसके बाद जज देवकुमार खत्री ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज जोधपुर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए सलमान खान को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।

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इसको लेकर आरोपी पक्ष के वकीलों का कहना है कि 1 अक्टूबर, 1998 की रात सभी बॉलीवुड सितारें एक जिप्सी में सवार थे, जिसे सलमान खान खुद चला रहे थे। इसी बीच सलमान खान को काले हिरणों का एक झुंड दिखाई दिया और उन्होंने उसी वक्त 2 काले हिरणों को मार गिराया।

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बता दें कि राजस्थान का बिश्नोई समाज काले हिरणों की पूजा करता है। कहा जाता है कि काले हिरणों को बचाने के लिए राजस्थान के बिश्नोई समाज के लोग अपनी जान भी दे सकते हैं। इस बात से बिश्नोई समाज के लिए काले हिरण की महत्ता का अंदाजा अपने आप लगाया जा सकता है। बिश्नोई समाज का मानना है कि काला हिरण उनके धार्मिक गुरु भगवान जंभेश्वर का पुनर्जन्म है। गुरु जंभेश्वर को जम्बाजी के नाम से भी जाना जाता है।

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