सोनिया गांधी ने पहाड़ों की रानी में की नये साल की शुरुआत

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मसूरी। नया साल मनाने के लिये इन दिनों कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पहाड़ों की रानी मसूरी में हैं। सोनिया गांधी चार दिवसीय प्रवास पर यहां आयी हैं। शुक्रवार को उन्होंने विनोग हिल बर्ड सेंचुरी से सटे क्लाउंड एंड इस्टेट में प्रकृति सौंदर्य के बीच नए साल का जश्न मनाया। प्रवास के दूसरे दिन शनिवार को सोनिया लांग ड्राइव पर निकलीं। इस दौरान कैंपटी फॉल, कालसी, डाम्टा और जुड्डो होते हुए वे देर शाम मसूरी लौटीं। दौरा बेहद गोपनीय है इसलिये सोनिया सियासी गतिविधियों से खुद को दूर रख रही हैं। पार्टी नेता और कार्यकर्ता उनसे मिलने के लिये टीका बिजेंद्र सिंह गेस्ट हाउस पहुंचे लेकिन सोनिया ने मुलाकात नहीं की।

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अशोक शिलालेख का किया दीदार

मसूरी से लांग ड्राइव पर निकली कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया दोपहर में कालसी पहुंचीं। यहां उन्होंने अशोक शिलालेख का दीदार किया और सामने बह रही यमुना नदी को थोड़ी देर तक देखा। यहां वे करीब 20 मिनट तक रुकीं। इससे पहले सोनिया ने विकासनगर तहसील के कटापत्थर में नेपाली राजवंश से जुड़े सुनसान महल को देखा। यहां से जुड्डो होते हुए वे लाखामंडल के लिए निकल गईं।

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लाखामंडल पहुंचकर राजीव की इच्छा की पूरी

शाम को सोनिया ऐतिहासिक पौराणिक महत्व वाले लाखामंडल पहुंची। यहां पहुंचने पर पुजारी ने सोनिया को पांडव कालीन शिव मंदिर में पूजा अर्चना कराई। इसके बाद वे थोड़ी देर तक मंदिर परिसर में ही रुकीं और प्राकृतिक सौंदर्य को निहारा। पौराणिक मान्यता के अनुसार लाखामंडल में ही पांडवों ने अपने अज्ञातवास का समय गुजारा था। बताया जाता है कि पांडवों ने ही यहां पर शिव मंदिर की स्थापना भी की थी। सोनिया गांधी ने पुजारी से कहा कि इस जगह पर उनके पति राजीव गांधी भी आना चाहते थे, लेकिन आ नहीं सके। उन्होंने यहां आकर राजीव की इच्छा को पूरा किया।

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