सोशल साइट्स पर आपत्तिजनक लिखा तो पुलिस पकड़ेगी

लखनऊ। सोशल साइट्स पर अब पुलिस की पैनी नजर रहेगी। सोशल साइट्स के तहत फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्स एप्प, यू-ट्यूव, इंस्टाग्राम, गूगल प्लस पर उन सामग्रयिों पर जो भड़काऊ एवं आपत्तिजनक हैं। उन्‍हें ब्‍लाक किया जाएगा। सोशल साइट्स पर ऐसी सामग्री परोसने वालों के खिलाफ आईटी एक्‍ट के तहत एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

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सोशल साइट्स पर सक्रिय रहेंगे डिजिटल वालेंटियर्स

सोशल साइट्स पर आपत्तिजनक एवं भड़काऊ सामग्री का खंडन करने के लिए पुलिस के सहयोगी के रूप में जनता के लोगों में से डिजिटल वालेंटियर्स (Digital Volunteers) बनाये जाएंगे। जो विशेष पुलिस अधिकारी या शांति समिति के सदस्यों की तरह काम करेंगे। डिजिटल वालेंटियर्स उन्हीं लोगो को बनाया जाएगा जो सोशल साइट्स का प्रयोग सामान्य रूप से करते हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। इसमें इंटरनेट पर सक्रिय पुलिसकर्मी भी लगाए जायेंगे। भ्रामक तथ्यों के खंडन एवं सही तथ्यों को डिजिटल वालेंटियर के सहयोग से सोशल मीडिया पर प्रचारित-प्रसारित किये जाने में मदद ली जाएगी।

दो सोशल मीडिया लैब भी खोली गईं 

आईजी कानून व्‍यवस्‍था ए सतीश गणेश ने बताया कि यूपी में इसके लिए दो सोशल र्मीिडया लैब ‘‘सोशल मीडिया कमाण्ड एण्ड रिसर्च सेंटर’’ के नाम से खोली गयी हैं। इनमें से एक सोशल मीडिया लैब मेरठ में डीआईजी रेंज के कार्यालय तथा दूसरी स्पेशल टास्क फोर्स लखनऊ के कार्यालय में स्थापित की गयी है। मेरठ परिक्षेत्र में खोली गयी सोशल मीडिया लैब से प्रदेश के सभी परिक्षेत्रों के अलावा यातायात निदेशालय एवं मेरठ परिक्षेत्र के सभी 6 जिलों को भी जोड़ा गया है। स्पेशल टास्क फोर्स गम्भीर प्रकरणों में निगरानी एवं कार्यवाही करेगा।
वाट्सएप सर्विलांस केन्द्र
तकनीकी सेवा मुख्यालय पर ‘‘वाट्सएप सर्विलांस केन्द्र’’ भी संचालित किया गया है, जिसका सीयूजी नं0 9454401002 है। इस नम्बर पर कोई भी व्यक्ति ऐसे विवादित या आपत्तिजनक संदेशो के संबंध में जानकारी दे सकता है।

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