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सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार कर रहे हैं साधु-संत

इलाहाबाद। सोशल मीडिया ने अब हर क्षेत्र में अपनी पैठ बना ली है। शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र है जहां सोशल मीडिया का दखल नहीं है। आम आदमियों को छोडि़ए आजकल साधु-संत तक इस फील्ड के महारथी हो गए हैं।

सोशल मीडिया

सोशल मीडिया पर यजमानों को कर रहे अपडेट

सोशल मीडिया पर सबसे तेज एवं सुरक्षित ढंग से सूचना प्रसारित कर रहा व्हाट्सएप का सबसे ज्यादा उपयोग किया जा रहा है। यजमानों एवं शिष्यों और माघ मेले में आने वाले लोगों के लिए अलग-अलग ग्रुप बनाकर हमेशा नई नई सूचनाएं देकर लोगों को अपडेट करने का काम किया जा रहा है। माघ मेले के दौरान कितने स्नान होंगे कब कौन सा स्नान है, कौन सा स्नान सबसे प्रमुख है, किस स्नान का क्या महत्व है, की जानकारी के साथ-साथ ग्रह नक्षत्रों की जानकारी भी दी जा रही हैं। इसके साथ ही माघ मेले में आने वाले लोगों के लिए कौन-कौन सी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी इसकी भी जानकारी देकर लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने का काम किया जा रहा है। संगम तट पर मौजूद पं ब्रहांशकर तिवारी का कहना है कि हर साल माघ मेले में स्नाान करने वालों को पूजा पाठ कराते हैं। इस वजह से कुछ लोग हमारे शिष्य बन गए हैं। वे लोग जब भी आते हैं पूजा पाठ कराने का काम हम से ही कराते हैं। इस बार भी वे लोग हमारे संपर्क में हैं। इसमें मोबाइल की अहम भूमिका है।

माघ मेले में जुट रहे साधु संत
मकर संक्राति पर लगने वाले माघ मेले में साधु संतों की भीड़ बढ़ने लगी है। माघ मेले में अपने प्रचार-प्रसार के लिए कई साधु संतों के हाथ में कीमती गैजेट देखे जा सकते हैं। सोशल मीडिया के जरिए पांडित्य कर्म करने वाले ब्राह्मण ग्रहों की चाल दशा, नक्षत्र एवं अन्य प्रकार की जानकारी देकर लोगों से अपना संपर्क बढ़ाने में लगे हैं।

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गौ रक्षा के लिए फेसबुक का उपयोग
गौ रक्षा के लिए मिशन के तौर पर काम करने वाले लोग गौ रक्षा समिति बनाकर काम कर रहे हैं। इसके लिए शहर में कई संगठन भी बनकर तैयार हो गए हैं। इस अभियान से लोगों को जोडऩे के लिए सोशल साइट्स के अलावा के अलावा सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है। इस अभियान में युवाओं को भूमिका बढ़ाने के लिए फेसबुक और व्हाट्सएप का प्रयोग बड़े स्तर पर किया जा रहा है। शहर में गो संरक्षण अभियान से 20 से लेकर 35 साल तक के लोगों को जोड़ा जा रहा है। इसमें फेसबुक अपना अहम रोल अदा कर रहा है। गंगा सेना के मुखिया आनंद गिरी का कहना है कि नई पीढ़ी के लोगों को गाय के महत्व को बताना सबसे जरूरी है। सोशल मीडिया के माध्यम से गाय के दूध, एवं दूध से बने सामान एवं गाय के गोबर आदि का महत्व बॄाना सबसे कारगर साबित होगा। इन्होने बताया कि फेसबुक बना ली गई है, मकर संक्रांति को फेसबुक पेज की लांचिंग होगी। उसके बाद पूरे सवा महीने इस पेज का प्रचार कर लोगों को जोड़ा जाएगा। मेला क्षेत्र में इस पेज के प्रचार-प्रसार के लिए कुछ युवाओं को सक्रिय किया गया है। इसके तहत सवा लाख लोगों से हस्ताक्षर कराया जाएगा।

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