सरकार स्कूली बच्चों को मुफ्त में देगी स्कूल बैग

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाया है। परिषदीय स्कूल के बच्चे अब कॉपी-किताब हाथ में नहीं, बल्कि सरकार द्वारा दिए जाने वाले स्कूल बैग में ले जाएंगे। शासन की यह पहल बच्चों को स्कूल आने की ओर प्रेरित करने की दिशा में बेहतर साबित हो सकती है। सरकार की ओर से दावा किया गया है कि पहले की तुलना भी बेहतर हो चुका शिक्षा का स्तर अब और भी बेहतर होगा।

 स्कूल बैग

 स्कूल बैग  के लिए 50 करोड़ रुपये की मंजूरी

मालूम हो कि कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों का हुलिया बदलने में लगी हुई है और कान्वेंट स्कूलों से बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बच्चों को स्कूलों तक लाने के लिए सरकार ने एमडीएम योजना, फिर कॉपी किताब मुफ्त करने के साथ स्कूलों के स्वरूपों में बदलाव किया। इसके बाद ड्रेस और अब कॉपी किताबों को रखने के लिए बैग मुहैया कराएगी। शासन ने इस पर मोहर लगा दी है तथा प्रदेशभर के स्कूलों को बैग मुहैया कराने के लिए 50 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दे दी है।

बच्चों को अगले सत्र में बैग प्रदान करने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। शासन ने जनपद स्तर पर रिपोर्ट मांगी है। आदेश जारी होने के बाद शिक्षा विभाग ने प्रत्येक ब्लाकों के स्कूलों को बच्चों की संख्या मुहैया कराने के आदेश दिए हैं। जल्द ही रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी जाएगी। उधर, बच्चों को बैग देने के पहले ख्याल रखा जा रहा कि उनमें किसी भी प्रकार से भिन्नता न हो। ऐसे में बच्चों को एक समान दिखने के लिए एक ही रंग व साइज में बैग उपलब्ध कराए जाएंगे।

बैगों के जरिए प्रचार-प्रसार करने के लिए शासन ने इस बात का ख्याल रखा है कि प्रतयेक बैग पर सर्व शिक्षा अभियान का लोगों व स्लोगन अंकित किया जाए, ताकि बच्चे उसे देख कर और पढ़ कर स्कूल की ओर रुख करें। अभी तक स्कूलों में बैग की सुविधा न होने के कारण स्वयंसेवी संस्थाएं स्कूलों में बैग वितरण करतीं थी, पर अब उनकी निर्भरता पर विराम लगा दिया जाएगा। ऐसे में कुछ ही बच्चों को बैग मिल पाते थे और इस कारण उनमें हीन भावना भी नजर आने लगी थी।

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