स्टिंग में फंसे झारखंड सीएम रघुवर दास

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नई दिल्ली/रांची। झारखंड के सीएम रघुवर दास के खिलाफ एक स्टिंग सामने आया है। स्टिंग में फंसे झारखंड सीएम पर राज्‍यसभा चुनाव में सेटिंग का आरोप लगाया गया है।

स्टिंग में फंसे झारखंड सीएम

स्टिंग में फंसे झारखंड सीएम पर लगा यह आरोप

स्टिंग में फंसे झारखंड सीएम रघुवर दास पर सेटिंग करने का यह आरोप झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने लगाया है। सीएम रघुवर दास पर आरोप है कि उन्‍होंने राज्यसभा चुनाव के लिए ‘सेटिंग’ करवाई है। इसके साथ ही एडीजी रैंक के सीनियर अधिकारी पर अधिकारों का दुरूपयोग का आरोप लगाया गया है। नए आरोपों के बाद दास मुश्किलों में हैं और बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व में भी खलबली है।

तमाम मामले खत्म करने का भरोसा

आरोप है कि झारखंड पुलिस के स्पेशल ब्रांच के एडीजी अनुराग गुप्ता ऑडियो में कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को उनके ऊपर चल रहे तमाम मामले खत्म करने का भरोसा दे रहे हैं। जिसके बदले में वो अपनी पत्नी कांग्रेस विधायक निर्मला देवी का वोट बीजेपी उम्मीदवार को दिला दें। एक अन्य ऑडियो में रघुबर दास के राजनीतिक सलाहकार अजय कुमार भी योगेंद्र साव को पत्नी को वोटिंग के लिए लाने का लगातार दबाव बना रहे हैं।

दस जून को हुई मुलाकात का वीडियो

सीएम रघुबर दास और कांग्रेस के पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव के दस जून को हुई कथित मुलाकात का वीडियो है। वीडियो में मुख्यमंत्री बैठकर बातचीत करते देखे जा रहे हैं। लेकिन, उनकी आवाज़ नहीं है हालांकि बाकी लोगों की आवाज़ सुनाई दे रही है। 11 जून को झारखण्ड में राज्यसभा के लिए हुए दो सीट के चुनाव में बीजेपी के दोनों उम्मीदवार विजयी हुए थे।

राज्यसभा चुनाव में शुरू से झारखण्ड राज्य बदनाम

राज्यसभा चुनाव में शुरू से झारखण्ड राज्य बदनाम रहा है। एक बार फिर ऐसे ही आरोपों में राज्य घिर गया है। असल में झारखण्ड विधानसभा के आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी का एक प्रत्याशी चुनाव जीत सकता था। लेकिन, बीजेपी ने दो प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया था। कांग्रेस के नवनियुक्त विधयाक बीटू सिंह और जेएमएम के चमरा लिंडा को हार का सामना करना पडा था।

चुनाव आयोग का दरवाज़ा खटखटा सकते हैं मरांडी

आरोप-प्रत्यारोप के बीच एक बात तो साफ हो रही है कि राज्यसभा के लिए मतदान प्रक्रिया अब कठघरे में है। और स्टिंग ने कई लोगों को सवालों के घेरे में ला दिया है। इस बीच मरांडी अब पुरे मसले को लेकर चुनाव आयोग का दरवाज़ा खटखटा सकते हैं।

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