लखनऊ विवि के बाहर भिड़े स्टूडेंट-वकील, कुछ दूरी पर ही मौजूद थे सीएम

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लखनऊ। पुलिस लाइंस में सीएम और राज्यपाल मौजूद थे, तभी एलयू के सामने प्रफेसर और वकील की कार में हुई टक्कर को लेकर बवाल हो गया। वकीलों ने सड़क पर नारेबाजी और रेलिंग पर चढ़कर हंगामा शुरू कर दिया तो छात्रों ने परिसर के भीतर से उन पर ईंट-पत्थर बरसा दिए। इसमें वकीलों की दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और चार वकील घायल हो गए। बवाल होते ही पुलिस लाइन में मौजूद पुलिस अधिकारी पीएसी के जवानों को लेकर आ गए और छात्रों को खदेड़ा। एलयू के सामने जाम लगने की वजह से सीएम की फ्लीट को भी भीतर ही रोक लिया गया। उसके बाद सीएम और राज्यपाल की फ्लीट को पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा दीवार बनाकर निकाला। उधर हसनगंज पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया है।

स्टूडेंट-वकील में संघर्ष

स्टूडेंट-वकील में संघर्ष का ये है पूरा मामला

 

विकासनगर निवासी ललित कुमार हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं। शुक्रवार शाम करीब छह बजे वे पत्नी के साथ अपनी अल्टो कार यूपी 32पीआर-8321 से परिर्वतन चौक की ओर से विकासनगर की तरफ जा रहे थे। उनकी कार जैसे ही विवि के सामने पहुंची तभी गेट नंबर दो से प्रोफेसर राजीव मनोहर अपनी कार लेकर निकले। बताया जा रहा है कि प्रोफेसर और ललित की कार की आपस में टक्‍कर हो गई। इस पर ललित कुमार ने हंगामा करना शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख कुछ टीचर भी मौके पर आ गए।

देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग मौके पर एकजुट हो गए। विरोध में वकीलों ने एक ओर जहां रोड जाम कर दिया। वहीं, छात्रों ने वकीलों पर पथराव शुरू कर दिया। बवाल बढ़ने की सूचना पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई और किसी तरह हालात को काबू किया गया। एसओ हसनगंज दिनेश कुमार सिंह ने बताया, मारपीट और पथराव में दो वकीलों को गंभीर रूप से चोट आई है, जिन्हें विवेकानंद अस्पताल ले जाया गया है।

मामला बढ़ते देख जुटी पुलिस

 

माहौल बिगड़ता देख पुलिस लाइन के भीतर से एएसपी पूर्वी अजय कुमार, एएसपी ट्रैफिक हबीबुल हसन, सीओ गोमतीनगर सत्यसेन यादव समेत कई पुलिस अफसर पीएसी के जवानों के साथ आ गए और पथराव करने वाले छात्रों को खदेड़ा। उसके बाद पुलिस ने घायल वकीलों को अस्पताल भिजवाया। इसी दौरान बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम से सीएम और राज्यपाल की फ्लीट के निकलने का मैसेज वायरलेस पर गूंजने लगा। पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन मोर्चा संभाला और पुलिस लाइन के गेट से लेकर एलयू के गेट नंबर-2 तक डिवाइडर पर पुलिसकर्मियों का सुरक्षा घेरा बनवा दिया। सूत्रों के मुताबिक बाहर के हालात देखते हुए सीएम और राज्यपाल की फ्लीट को थोड़ी देर के लिए पुलिस लाइन के भीतर ही रोक दिया गया। उसके बाद पुलिसकर्मियों ने फ्लीट निकलवाई। उसके बाद आक्रोशित वकीलों को समझाकर शांत कराया।

गाड़ी उठाने गए तो फिर भड़के छात्र

 

माहौल शांत होने के बाद पुलिस ने टेक्निकल मुआयना कराने के लिए प्रफेसर की कार उठाने के लिए क्रेन मंगवाई। छात्रों का कहना था कि पुलिस कार कब्जे में लेगी तो वकील उसे तोड़ डालेंगे। छात्रों ने अंदेशा जताया कि पुलिस कार को मुकदमे का हिस्सा बना लेगी तो गाड़ी छूटेगी नहीं। लिहाजा छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया और गाड़ी नहीं उठाने दी। देर रात तक पुलिस प्रफेसर की कार को कब्जे में लेने के लिए एलयू कैंपस के भीतर डेरा डाले थी।

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