भारत, ​पाकिस्तान सहित दक्षिण एशिया के डॉक्टर करेंगे बांझपन का इलाज

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आगरा। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका सहित दक्षिण एशिया के स्त्री रोग विशेषज्ञ एक मंच पर आए हैं। वे बांझपन, जनसंख्या नियंत्रण और प्रसव के दौरान मौत की रोकथाम के लिए मिलकर कार्य करेंगे। एक दूसरे देश के डॉक्टर चिकित्सीय तकनीकी और बीमारियों के डायग्नोसिस के लिए एक मंच पर आएंगे।

साउथ एशियन फेडरेशन ऑफ ऑब्सस्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी11 वीं सेफोग कांग्रेस की कांफेंस 17 से 19 मार्च तक लाहौर पाकिस्तान में आयोजित की गई। इसमें रेबनो हॉस्पिटल के डॉ जयदीप मल्होत्रा, डॉ नरेंद्र मल्होत्रा सहित भारत से 11 डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। कांफ्रेंस से लौटने के बाद सेफोग के जनरल सेक्रेटरी डॉ नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल,अफगानिस्तान सहित दक्षिण एशिया के देशों में महिला स्वास्थ्य की एक जैसी समस्याएं हैं। एक तरफ बांझपन तेजी से बढा हैं,वहीं दूसरी तरफ इन देशों के लिए जनसंख्या नियंत्रण चुनौती बना हुआ है।

स्त्री रोग विशेषज्ञ

स्त्री रोग विशेषज्ञ एक मंच पर आए

सेफोग में इन सभी देशों में महिलाओं से जुडी समस्या के लिए मिलकर काम करने पर सहमति बनी है। जिससे अच्छे परिणाम आ सकेंगे। इसमें सबसे अहम प्रसव के दौरान महिलाओं की मौत की रोकथाम है। इसके लिए भी सभी देश मिलकर काम करेंगे, जिससे विकसित देशों की तरह प्रसव के दौरान महिलाओं की मौत कम की जा सके। हालांकि आंकडों में प्रसव के दौरान दक्षिण एशिया के देशों में मौतें कम दिखाई गई हैं, यह एक लाख प्रसव पर लगभग 500 हैं।

प्रसव के दौरान एक लाख महिलाओं में से होने वाली मौत

पाकिस्तान 178

भारत  130

बांग्लादेश में 170

श्रीलंका 30

नेपाल 146

अफगानिस्तान में 400

अमेरिका में 3

इंग्लैंड में पिछले 10 सालों में किसी भी महिला की मौत नहीं हुई है

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