मधेश में जनादेश के लिए छिड़ा महासंग्राम

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स्थानीय निकाय चुनाव
सग़ीर ए ख़ाकसार

बढनी, सिद्धार्थ नगर। नेपाल में करीब दो दशकों के बाद स्थानीय निकाय चुनाव हो रहे हैं। पहले चरण में काठमाण्डू समेत देश के कई हिस्सों में चुनाव सम्पन्न हो गया है। लेकिन मधेश में प्रस्तावित दूसरे चरण के चुनाव को लेकर आखिरी क्षण तक उहापोह की स्थिति बनी हुई थी।रविवार को नामांकन के बाद चुनाव को लेकर हो रहे अटकलों पर अब पूर्ण विराम लग गया है। विभिन्न दलों व निर्दल उम्मीदवारों ने जन सम्पर्क तेज़ कर दिया है। काफी लंबे समयांतराल के बाद हो रहे स्थानीय निकाय के चुनाव को लेकर मधेश में उत्साह का माहौल है।

प्रदेश संख्या 1,5,व 7 में 28 जून को मतदान होगा। प्रत्यशियों के लिए घर घर पहुंचना बहुत बड़ी चुनौती साबित हो रही है।प्रचार के लिए महज़ पांच दिनों का समय मिला है। प्रत्याशियों ने चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सीमा से सटे नपा कृष्णा नगर में मेयर और उप मेयर पद के प्रत्याशी डोर टू डोर संपर्क कर रहे हैं।यहां से संघीय समाजवादी फोरम से अभय प्रताप शाह जो कि पूर्व प्रधान भी रहे हैं अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। श्री अभय प्रताप शाह स्थानीय सांसद अभिषेक प्रताप शाह के चाचा हैं। यहां से स्थानीय सांसद अभिषेक शाह की प्रतिष्ठा दांव पर है।

शाह परिवार से ही युवा नेता रजत प्रताप शाह भी मेयर पद के लिए चुनाव मैदान में है। पहले रजत शाह के ही फोरम से चुनाव लड़ने की चर्चा थी। आखिरी समय में उनका टिकट कट गया ।फिलहाल वो अब स्वतन्त्र उम्मेदवार के रूप में चुनावी वैतरणी पार करने की जुगत में है। शाह परिवार से मेयर पद के लिए दो प्रत्याशियों के आने से चुनाव बहुत ही दिलचस्प हो गया है। श्री रजत शाह ने कहा कि उनके साथ विश्वास घात हुआ है। पिछड़े गांव को स्मार्ट विलेज, कृष्णनगर को भ्रस्टाचार मुक्त तथा डिग्री कालेज ,प्राविधिक कालेज की स्थापना रजत शाह की प्राथमिकताओं में शामिल है।

युवाओं को रोजगार और प्रत्येक मदरसे को कंप्यूटर उपलब्ध करवाना जिससे वह मुख्य धारा में जुड़ सकें उनकी पहली कोशिश होगी। इसके अलावा नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ब्रह्मानन्द उपाध्याय मेयर पद के प्रमुख प्रत्याशियों में हैं। श्री उपाध्याय को नेपाली कांग्रेस के कैडर व पार्टी के परंपरागत वोटरों पर भरोसा है। विकाश,भ्रष्टाचार मुक्त नगर पालिका उनके चुनावी एजेंडे में है।राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी से नेपाली फ़िल्म अभिनेता श्याम कुमार मिश्रा अपना भाग्य आजमा रहे हैं। श्री मिश्रा युवा हैं और फ़िल्म अभिनेता के रूप में अपनी अलग पहचान रखते हैं। माओवादी केंद्र से शिव प्रसाद जायसवाल,चुनाव लड़ रहे हैं। श्री जायसवाल को जमीनी नेता के रूप में जाना जाता है। माओवादी से चुनाव लड़ने से उनके पास पार्टी संगठन के प्रतिबद्ध कार्यक्रताओं की पूरी टीम हैं।

स्थानीय निकाय चुनाव

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक फोरम से किफायतुल्लाह खानअपनी किस्मत आजमा रहे हैं। उन्होंने भी अपना संपर्क अभियान तेज़ करदिया है।इसके अलावा निर्दल उम्मीदवार के रूप में महमूद अहमद खान,सुलेमान शाह,आदि भी मेयर पद के लिए प्रमुख प्रत्याशियों में से हैं। उप मेयर के लिए स्वतन्त्र उम्मीदवार एहसान अहमद खान हैं। गुंडाराज और भ्रष्टाचार से मुक्ति उनका नारा है। विकास उनकी प्राथमिकता में है। आप की पहचान एक साफ सुथरे नेता के रूप में हैं। सियासत की शुरुआत इसी चुनाव से कर रहे हैं। आप के बड़े भाई डॉ अनवार अहमद खान एमाले के वरिष्ठ नेता रहे हैं। खुद डॉ अनवार अहमद खान भी सांसद का चुनाव लड़ चुके हैं।

श्री एहसान को अपनी साफसुथरी क्षवि और बड़े भाई के सियासी और सामाजिक कद पर भरोसा है। श्री एहसान उद्योग वाणिज्य संघ के पूर्व उपाध्यक्ष भी हैं। काफी लंबे समय से सियासत में सक्रिय दिनेश चंद्र गुप्ता भी उप मेयर की रेस में हैं। वह लंबे समय से सामाजिक क्षेत्र में हैं। वह कृष्णा नगर के उपप्रधान भी रह चुके हैं। इसके अलाव आर पी सिहं यादव फोरम, पत्नी भूलन चौधरी कांग्रेस, तुफैल अहमद खान माओवादी आदि भी उप मेयर पद के प्रमुख प्रत्याशियों में हैं। सभी पदों के प्रत्याशियों ने जमकर चुनाव अभियान को तेज कर दिया है।

जनता और प्रत्याशी दोनों में चुनाव को लेकर उत्साह देखा जारहा है।नेपाली प्रेक्षकों का मानना है कि स्थानीय निकाय चुनाव की संरचना विकास परक है। इस चुनाव से स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिलेगी। चुनाव जीतने के लिए यूं तो सभी प्रत्याशी जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं लेकिन जीत का सेहरा किस के सर बंधेगा यह तो 28 जून को होने वाले मतदान के बाद ही पता चलेगा।

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