स्पीक एशिया फिर से आई और लाखों रुपये ठग ले गई

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लखनऊ। इसे लोगों की लापरवाही कही जाये या शातिर कंपनी की साजिश कि वही लोग उन्ही ठगों के हाथों दोबारा ठग लिए गएजी हाँ, ऑनलाइन सर्वे के बहाने हजारों निवेशकों से करोड़ों रुपये हड़प चुकी स्पीक एशिया ने एक बार फिर लाखों रुपये की ठगी कर ली है। और इस बार इस शातिर कंपनी स्पीक एशिया ने डूबा पैसा वापस करने के नाम पर ठगी की है। इस बारे में पीड़ित चार निवेशकों ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत की है।

स्पीक एशिया का नाम बदलने का दिया झांसा

लखनऊ में इन निवेशकों में इंदिरानगर के मनीष शर्मा, शिवशंकर, गोमतीनगर के विश्वास खंड निवासी विकास विक्रम सिंह, अलीगंज के सेक्टर-क्यू निवासी दिनेश तिवारी ने बताया कि वह चार साल पहले ऑनलाइन सर्वे पर घर बैठे मोटी कमाई के लुभावने झांसे में आकर स्पीक एशिया से जुड़े थे और मोटी रकम डूब गई थी। स्पीक एशिया का केस लड़ रहे सोलेमन जेम्स ने छह महीने पहले निवेशकों से संपर्क साधा। डूबी रकम की वापसी का झांसा देते हुए जानकारी दी कि स्पीक एशिया कंपनी का नाम अब स्पीक एशियन रखा गया है। स्पीक एशिया में जमा रकम वापस पाने के लिए स्पीक एशियन से जुड़ना होगा। कंपनी सर्वे खातों की जांच कराएगी और सब कुछ सही होने पर निवेशक को पुराना पैसा उसके बैंक खाते में भेज दिया जाएगा।

लोगों से फिर जमा कराई रकम

सर्वे खातों को एक्टीवेट करने के लिए निवेशकों से 10 हजार रुपये के हिसाब से रकम जमा करवाई गई। इतना ही नहीं स्पीक एशिया की तर्ज पर काम करने को कहा। बताया कि निवेशक को 52 हफ्ते तक सर्वे देंगे और प्रति सर्वे एक हजार रुपये मिलेगा।
चारों लोगों ने बताया कि उनकी तरह सुरुचि कुशवाहा, महेंद्र पांडेय, विनीत पांडेय, शरद स्वास्तिक मिश्रा, दिवाकर तिवारी, अभिनव शुक्ला, संदीप मिश्रा, अनिल कुमार लाल, ज्योति कश्यप, आफताब आलम, निसार आलम, सुप्रिया त्रिपाठी, दिलीप कुमार, रंजीत सोनकर, आलोक यादव, मो जुबरील, शैलेंद्र गुप्ता व अन्य निवेशकों ने डूबी रकम वापसी के झांसे में आकर दस-दस हजार रुपये जमा कर दिए।

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