अब कोचिंग जाने की जरूरत नहीं, स्मार्टफोन पर लीजिए मुफ्त ट्यूशन

नई दिल्ली। स्कूलों में इस वर्ष की अंतिम परीक्षा और विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षाएं बिल्कुल करीब आ गई हैं। इसके मद्देनजर कठिन विषय भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित की समस्याओं से जूझ रहे स्कूली बच्चे एक नए स्मार्टफोन एप्लिकेशन की मदद से देश में प्रतिभाशाली शिक्षकों से नि:शुल्क वन-टू-वन ट्यूशन ले सकते हैं। बेंगलुरू की शिक्षा प्रौद्योगिकी स्टार्टअप द्वारा विकसित एक एंड्रॉयड अप्लिकेशन ‘हैशलर्न नाउ’ स्कूली बच्चों को आईआईटी और बिट्स पिलानी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के शिक्षकों के साथ तुरंत जुड़ने और उनकी मदद से उनके विषय से संबंधित जिज्ञासाओं एवं संदेहों को दूर करने में मदद करेगा।

स्मार्टफोन

यह सेवा सातों दिन 24 घंटे उपलब्ध होगी और इसमें आठवीं से बारहवीं कक्षा के स्कूली छात्रों के लिए गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान विशय को शामिल किया गया है। इसके तहत सभी बोर्डो और राज्य/राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं को कवर किया जा रहा है। हैशलर्न नाउ तीन चरण वाली सरल प्रक्रिया का पालन करता है। छात्र एक विषय चुनते हैं और सत्र शुरू करने के लिए जिस समस्या को हल करना चाहते हैं, उसकी इमेज को अपलोड करते हैं। कुछ ही क्षणों में वे विषय के विशेषज्ञ से जुड़ जाते हैं। समस्या हल हो जाने और सत्र खत्म हो जाने के बाद वे अपने ट्यूटर्स की रेटिंग कर सकते हैं।

इस एप्लिकेशन में छात्रों के लिए नि:शुल्क हजारों अभ्यास प्रश्न हैं, जिन्हें हल कर छात्र अपने कौशल को सुधार सकते हैं। इसके लांच होने के बाद से गूगल प्ले स्टोर पर हजारों छात्रों के द्वारा इसे डाउनलोड किया जा चुका है। इस अप्लिकेशन को 76761.87100 पर मिस्ड कॉल देकर या 56263 पर ‘गेटनाउ’ एसएमएस कर डाउनलोड किया जा सकता है। शिक्षा उद्यमी जयदेव गोपालकृष्णन और प्रौद्योगिकीविद् गोकुल जंगा द्वारा स्थापित हैशलर्न शिक्षा से संबंधित उत्पादों के निर्माण में विशेषज्ञ है और इसका मौजूदा ध्यान विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले बाजार पर है।

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आगामी परीक्षा के मौसम को ध्यान में रखते हुए 31 मार्च तक साइनअप करने वाले सभी छात्रों को उनके रिवीजन में मदद करने के लिए एक माह के लिए यह सेवा नि:शुल्क प्रदान की जा रही है। लेकिन हैशलर्न सरल मासिक सब्सक्रिप्शन मॉडल के साथ, अपने प्रीमियम ऑफर को बहुत ही प्रतियोगी रखने वाला है। इसके लिए छात्रों को पारंपरिक निजी ट्यूटर रखने की तुलना में कम कीमत का भुगतान करना होगा।
हैशलर्न के सीईओ जयदेव गोपालकृष्णन कहते हैं, “हमारा उद्देश्य हर छात्र के लिए उनकी परीक्षाओं की उत्कृष्ट तैयारी के लिए, बड़े पैमाने पर, उनकी जरूरत के अनुसार और कम खर्च में उच्च गुणवत्ता वाले निजी ट्यूटर उपलब्ध कराना है।”

उन्होंने कहा कि एक छात्र के लिए एक निजी ट्यूटर रखना भारत में केवल कुछ विशेषाधिकार प्राप्त लोग ही वहन कर पाते हैं और ऐसे मामलों में गुणवत्ता के मुद्दे एक बड़ी चिंता का विषय हैं। पारंपरिक कोचिंग कक्षाओं में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए, प्रमुख मुद्दों में व्यक्तिगतता की कमी और व्यक्तिगत समस्याओं को हल करने के लिए ट्यूटर की अनुपलब्धता शामिल हैं। गोपालकृष्णन ने कहा, “हैशनर्ल नाउ एक बटन के क्लिक करने पर ही सभी समस्याओं का समाधान करता है।” हैशलर्न अपने ट्यूटर्स के चयन के लिए एक कड़ी चयन प्रक्रिया को अपनाता है, जिन्हें देश के अग्रणी प्रौद्योगिकी संस्थानों से लिया जाता है। ये तेज दिमाग वाले आईआईटी और बिट्स पिलानी जैसे संस्थानों से हैं। वे परीक्षा की आवश्यकताओं को समझते हैं और अधिक महत्वपूर्ण बात कि वे अपने विद्यार्थियों को अच्छी तरह से समझ सकते हैं, क्योंकि वे उस दौर से गुजर चुके होते हैं और उस तरह की पढ़ाई कर चुके होते हैं। वह कहते हैं कि एक और महत्वपूर्ण अंतर यह है कि छात्रों को अनेक विषयों की जानकारी रखने वाले सामान्यज्ञ से नहीं, बल्कि विषय-विशेषज्ञों से जोड़ा जाता है, ताकि वे उस विषय में सबसे बेहतर शिक्षा हासिल कर सकें।

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