कालेधन के खिलाफ मोदी सरकार का बड़ा फैसला: स्विट्जरलैंड से मांगे दस लोगों के नाम

0

नई दिल्ली/बर्न। केंद्र सरकार ने विदेशों में जमा भारतीयों के कालेधन के खिलाफ अभियान को तेज कर दिया है। खबर मिली है कि भारत ने स्विट्जरलैंड से कम से कम 10 लोगों की बैंकिंग डिटेल मांगी है। समझा जाता है कि इन लोगों ने अपना बेहिसाबी धन स्विट्जरलैंड के बैंकों में जमा किया है। इनमें दो सूचीबद्ध कपड़ा कंपनियां हैं जबकि अन्य आर्ट क्यूरेटर और उसके कालीन निर्यात कारोबार से जुड़ी हैं।

स्विट्जरलैंड से कम से कम 10 लोगों की बैंकिंग डिटेल

स्विट्जरलैंड से कम से कम 10 लोगों की बैंकिंग डिटेल मिलने से चलेगा हंटर

स्विट्जरलैंड के कर विभाग ने इन लोगों को पिछले सप्ताह नोटिस जारी कर 30 दिन में जवाब देने को कहा है। ये इकाइयां 30 दिन में भारत के सूचना के आग्रह पर प्रशासनिक सहयोग प्रदान करने के फैसले के खिलाफ अपील कर सकती हैं।

अपनी बात रखने का मिलेगा अंतिम मौका

अपने स्थानीय नियमों के तहत ऐसे मामलों में स्विट्जरलैंड सरकार दूसरे देश के साथ सूचना साझा करने से पहले संबंधित लोगों और इकाइयों को अपनी बात रखने का एक अंतिम अवसर देती। यदि ये नोट संबंधित बैंक या कर विभाग द्वारा सीधे नहीं पहुंचाए जा सकते हैं तो इन्हें गजट अधिसूचना के जरिए सार्वजनिक किया जाता है।

प्रमुख लोगों के नाम शामिल

भारत ने इससे पहले जिन लोगों या इकाइयों के बारे में सूचना मांगी थी उनमें कुछ सूचीबद्ध कंपनियां, रीयल एस्टेट कंपनी के पूर्व सीईओ, दिल्ली के एक पूर्व अधिकारी की पत्नी, दुबई स्थित भारतीय मूल के निवेश बैंकर, एक चर्चित भगौड़ा और उसकी पत्नी और यूएई की होल्डिंग कंपनी शामिल हैं।

loading...
शेयर करें