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स्‍टार्टअप इंडिया : घर बैठे अपने मोबाइल से शुरू कर सकेंगे स्‍टार्टअप

स्‍टार्टअप इंडिया मूवमेंट शुरू कर दिया गया है। मोदी सरकार इस योजना में 2000 करोड़ रुपए की आमदनी की उम्‍मीद कर रही है। दिल्‍ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी औपचारिक शुरुआत कर रहे हैं। जानिए मोदी अपने भाषण से किस तरह स्‍टार्टअप शुरू करने वालों को उत्‍साहित कर रहे हैं।

स्‍टार्टअप इंडिया

स्‍टार्टअप इंडिया मूवमेंट पर मोदी का भाषण

70 साल में हमने बहुत कुछ किया है। अब मैं आपसे जानना चाहता हूं कि हमें क्‍या नहीं करना है।

देश के हर इनसान के मन एक सपना होता है। कुछ लोग अपने सपने को पूरा करने के लिए लग जाते हैं। पूरा परिवार और समाज उनसे परेशान हो जाता है। लोग उसे पागल समझते हैं। लेकिन वही आदमी एक दिन कमाल कर देता है। तब लाेग कहते हैं कि अरे वो तो पहले से ही कमाल करने वाला इनसान था ।

आप कुछ नया करते होंगे तो लोग इसका विरोध करते होंगे। घरवाले कहते होंगे कि नौकरी करो। लोग कहते हैं कि मैं एक नेताजी को जानता हूं, जाकर उनसे मिल लो। लेकिन जो अपने सपने के पीछे पड़ जाता है, वही सफल होता है। यह नए स्‍टार्टअप की यही कहानी होती है।

स्‍टार्टअप में कर्नाटक, अांध्रप्रदेश सबसे आगे।

स्‍टार्टअप शुरू करने के मामले में भारत तीसरा सबसे बड़ा देश। यही तो है स्‍टार्टअप इंडिया।

स्‍टार्टअप करने वाले सिर्फ एंटरप्रेन्‍योर नहीं, बल्कि वो एडवेंचरस पीपल हैं।

जो एप बनाता है, उस इनसान के दिल में कुछ नया करने का इरादा होता है। उसके अंदर एक संवेदना होती है। और जब वो कोई समस्‍या देता है तो वह उसे सोने नहीं देती। वह इनसान उस समस्‍या का निदान खोजने लगता है।

हमे किसान के बारे में सोचना होगा। किसान का न जाने कितना सारा अनाज लोगों तक पहुंचने से पहले बेकार हो जाता है। क्‍या इसे बचाया जा सकता है। इस पर सोचने की जरूरत है।

आज हर व्‍यक्ति के पास इनोवेशन है। मैंने मोटरसाइकिल से मोटर चलाने वाले लोग देखे हैं। ये जुगाड़ का स्‍टार्टअप है।

हम जब मेक इन इंडिया कहते हैं तो इसका मतलब मेक फॉर इंडिया है।

स्‍टार्टअप का मतलब यह नहीं कि आप हजारों लोगों को नौकरी दें। पांच लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं तो आपका स्‍टार्टअप हिट है।

नौकरी करने की बजाय लोगों को नौकरी देने की दिशा में सोचना चाहिए।

समय की मांग है क्‍वालिटी एजुकेशन। गरीब लोगों तक भी क्‍वालिटी एजुकेशन पहुंचना चाहिए। युवाओं को ऐसा तरीका खोज निकलना होगा कि यह संभव हो सके।

हेल्‍थ सेक्‍टर डॉक्‍टरों से ज्‍यादा टेक्‍नोलॉजी पर डिपेंडेंट हैं। डॉक्‍टर भी टेक्‍नोलॉजी पर डिपेंडेंट हैं।

अाज हमारे सामने स्‍टार्टअप का एक्‍शनप्‍लान पेश किया गया है। इसमें कुछ खास है।

स्‍टार्टअप शुरू करिए। मैं चाहता हूं कि इसमें सरकार बीच में न आए।

स्‍टार्टअप इंडिया योजना में सेल्‍फ सर्टिफिकेशन शुरू किया जाएगा।

स्‍टार्टअप इंडिया के तहत पर तीन साल तक कोई इंस्‍पेक्‍शन नहीं होगा। यानी कोई इंस्‍पेक्‍टर जांच करने नहीं आएगा।

स्‍टार्टअप इंडिया के लिए सिंगल प्‍वाइंट व्‍यवस्‍था शुरू करेंगे।

सरकार एक साथी के रूप में आपको सुझाव या सलाह देगी।

स्‍टार्टअप इंडिया के तहत स्‍टार्टअप शुरू करने के लिए मोबाइल पर फॉर्म भर सकेंगे। रजिस्‍ट्रेशन भी वैसे ही होगा।

हमारे पास वाईपी है यूथ प्रापर्टी। इसे हम आईपी से जोड़ेंगे।

स्‍टार्टअप के संरक्षण के लिए कानून लाएंगे।

स्‍टार्टअप इंडिया के लिए दस हजार करोड़ का निवेश करेंगे। (इस घोषणा पर विज्ञान भवन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।)

सालाना 500 करोड़ की स्‍कीम भी लाएंगे।

स्‍टार्टअप को 3 साल तक नहीं देना होगा इनकम टैक्‍स।

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क्‍या बोले जेटली

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को स्टार्टअप इंडिया मूवमेंट की शुरुआत कर दी है। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप के लिए जो प्रणाली तैयार की जा रही है वह लाइसेंस राज से बिल्कुल अलग होगी1 इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इसकी औपचारिक रुप से शुरुआत करेंगे। उन्होंने अपने भाषण में ‘स्टार्ट अप मूवमेंट’ के तहत ज़मीनी स्तर पर उद्यमों और युवा उद्यमियों को बढ़ावा देने पर जोर दिए जाने की बात कही है।

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