महिला की हत्या करने वाले साधु की लोगों ने ले ली जान

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लखनऊ। साधु बनके रहने वाला एक सरफिरा अपने ही भाई की पत्नी को धारदार हथियार से काटकर उसकी हत्या कर डाला। और इस काम को अंजाम देने के बाद हत्यारा साधु हथियार लेकर अपनी झोपड़ी में जाकर लेट गया। यह घटना लखनऊ के काकोरी के एक गांव की है।

हत्यारा साधु

हत्यारा साधु का दिमागी संतुलन था गड़बड़

घटना होने के बाद मृत महिला के मासूम बच्चों की चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने आंगन में खून से लथपथ लाश पड़ी देखा। बुरी तरह रो रही बच्ची ने उन्हें राजेंद्र द्वारा बांका से हमले की जानकारी दी। ग्रामीणों ने बृजेंद्र को फोन कर पत्नी की हत्या की जानकारी दी और राजेंद्र की झोपड़ी पर धावा बोलकर उसे हथियार समेत पकड़ा। आरोपी को पकड़ा और धुनाई कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने पिटाई से घायल आरोपी को ट्रॉमा सेंटर भेजा जहां उसने भी दम तोड़ दिया।

एसओ काकोरी रामनरेश यादव ने बताया कि काकोरी गांव का निवासी राजेंद्र यादव करीब 15 साल से साधु के भेष में घर से कुछ दूर स्थित झोपड़ी में रहता था। ग्रामीणों के अनुसार उसका दिमागी संतुलन गड़बड़ था।

राजेंद्र बुधवार सुबह 8:30 बजे बांका लेकर अपने छोटे भाई बृजेंद्र यादव के घर पहुंचा। बृजेंद्र की गर्भवती पत्नी किरन (32) घरेलू काम में व्यस्त थी। उसके दो छोटे बच्चे अजय व सुभाषिनी आंगन में खेल रहे थे।

राजेंद्र दबे पांव किरन के पास पहुंचा और किसी बात को लेकर उससे झगड़ने के साथ बांके से ताबड़तोड़ वार करने लगा। गर्दन, चेहरे, सिर, सीने व बाएं हाथ पर आठ वार कर किरन को मार डाला।

चार साल की सुभाषिनी अपनी मां को खून से लथपथ देखकर बाहर दौड़ी और शोर मचाने लगी। इस बीच राजेंद्र बांका लेकर घर से निकला और अपनी मड़ैया में जाकर लेट गया।

साधु की भी हुई मौत

आक्रोशित भीड़ उस पर टूट पड़ी। पुलिस के पहुंचने तक ग्रामीण उस पर डंडे व लात-घूंसे बरसाते रहे। मौके पर पहुंची पुलिस ने मरणासन्न राजेंद्र को ग्रामीणों से छुड़ाकर ट्रॉमा सेंटर भेजा और बृजेंद्र यादव की तहरीर पर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। एसओ ने बताया कि पिटाई से गंभीर रूप से घायल राजेंद्र यादव ने भी शाम को ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया।

जेहटा-माल रोड पर चाय की दुकान चलाने वाले बृजेंद्र यादव ने बताया कि किरन ने सुबह तीन बच्चों अजय (10), खुशबू (8) व चांदनी (6) को तैयार कर स्कूल भेजा था। बृजेंद्र भी दुकान खोलने चला गया।

पांच माह की गर्भवती किरन अपनी छोटी बेटी सुभाषिनी (4) व बेटे विजय (2) के साथ घर पर थी। हत्या की खबर पर तीनों बच्चे भी स्कूल से घर लौटे और मां का शव देखकर बिलख उठे। पत्नी की हत्या पर रो रहे बृजेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसका बड़ा भाई राजेंद्र शुरू से ही गुस्सैल स्वभाव का था और अक्सर झगड़ा करता रहता था।

इसी आदत के चलते कई साल पहले उसकी पत्नी सुनीता अपने तीन बच्चों को लेकर मोहनलालगंज के गांव मऊ स्थित अपने मायके चली गई थी। घर के पास मड़ैया डालकर रह रहा राजेंद्र अक्सर किरन व उसके बच्चों से झगड़ा करता था।

 

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