तोते की हत्या में चार को उम्रकैद

कानपुर। दो साल पहले माँ बेटे की हत्या कर लूट के मामले में न्यायालय ने चार लोगों को उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। दोहरे हत्याकांड के दौरान हत्यारों ने घर में पले तोते को भी मार डाला था, क्योंकि वह बोलता था। जिससे राज खुलने का भय था। अदालत में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद सजा सुनाई गई। साथ ही 15-15 हजार का जुर्माना भी किया गया। इसके बाद चारों को जेल दिया गया।

Jail_Cell

हत्या के समय सफ़दर अली नहीं थे

 

11 मई 2013 की रात मझावन निवासी सफ़दर अली मस्जिद चले गए थे। वह वहीं पर सो गए थे। जब सुबह वह घर पहुंचे तो पत्नी खदीजा उर्फ़ कुरैशी बेगम व बेटे तलहा के शव घर में पड़े मिले। वहीँ घर से कीमती सामन और जेवरात ग़ायब थे। इस दोहरे हत्याकांड से क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई थी। सफ़दर की तहरीर पर पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की थी। सफ़दर ने नौशाद, चमन, गोरे व इमरान पर शक जताया था।जांच में यह सामने आया कि लूट के इरादे से हत्याएं की गई। पुलिस ने आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किये थे। आला कत्ल व परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर चारों को सजा सुनाई गई।

तोते का भी हुआ था पोस्टमार्टम

 

घटना को अंजाम देते समय हत्यारों ने घर में पले तोते को भी मार डाला था। बताया जा रहा है कि आरोपियों को तोते से राज खुलने का डर था। जिसके चलते उन्होंने तोते को भी मार डाला था। घटना के बाद पुलिस ने तोते का भी पोस्टमार्टम कराया था।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button