हरियाणा के मंत्रियों ने बनाया कार को ही अपना घर

हरियाणा के मंत्रियों का लगता है कार ही घर है।  सरकारी धन का किस कदर दुरुपयोग होता है इसका खुलासा उस समय हुआ जब आरटीआई के जरिये यह पता चला कि हरियाणा के मंत्री प्रतिदिन 900 किमी कार का सफर करते हैं या गुड़गांव से चंडीगढ़ के चार चक्कर रोज लगाते हैं। जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट साथियों को कार ईंधन की मितव्ययिता का पाठ पढ़ाया करते हैं। आरटीआई में इस बात का खुलासा हुआ है कि हरियाणा सरकार द्वारा अधिकारियों को जारी वाहन हमेशा दौड़ते रहते हैं। जबकि मुख्यमंत्री के साथ चलने वाले आठ वाहन 20 हजार किमी से कम चले है। जबकि मंत्रियों को मिले वाहन इससे कहीं ज्यादा चल रहे हैं। कुछ कैबिनेट मंत्रियों को मिली कारें तो एक माह में 28 हजार किमी चली हैं जो कि लगभग दो लाख रुपये का ईंधन पी रही हैं। जबकि कुछ का औसत 15 हजार किमी है।

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हरियाणा के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा को मिली दो कारें 28 हजार किमी दौड़ी हैं और सरकार ने दो लाख रुपये के लगभग भुगतान भी किया है। अगस्त सितम्बर और अक्टूबर में इनकी कारों के ईंधन का भुगतान सवा छह लाख रुपये तक पहुंच गया जबकि इसी अवधि में मुख्यमंत्री की आठ कारों ने 90 हजार का ईंधन पिया। यही हाल अन्य मंत्रियों का भी है कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़, राज्यमंत्री कृष्न कुमार और सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री घनश्याम श्राफ और सार्वजनिक आपूर्ति मंत्री करनदेव काम्बोज का है।

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हरियाणा के मंत्री नाश्ता, लंच और डिनर कार में

हालांकि मंत्रियों का कहना है कि कारों में ईंधन का बढ़ता बिल यह दर्शाता है कि वह कठोर परिश्रम करते हैं। कार का प्रयोग जनता के लिए होता है। हमारी ड्यूटी है कि अधिकतम लोगों तक पहुंच बनायें। हम तो कार में ही सोते हैं। नाश्ता, लंच और डिनर भी कार में ही कर लेते हैं। लेकिन फिर भी कारों का इतना अधिक इस्तेमाल चौंकाने वाला है।

 

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