हो जाइये तैयार, मोदी सरकार बजट के बाद देने जा रही है 1500 रुपए

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नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार एक फरवरी को आम बजट पेश करने जा रही है। आम बजट 2017 में मोदी सरकार गरीबों और बेरोजगारों को हर महीने 1500 रुपए देने का ऐलान करने का मूड बना रही है। ऐसा माना जा रहा है कि बजट में इसकी घोषणा हो सकती है।

हर महीने 1500 रुपए

हर महीने 1500 रुपए मिलने पर एक राय नहीं

वैसे हर महीने 1500 रुपए वाली घोषणा को लेकर अभी राय बंटी हुई है कि इसे यूनिवर्सल बेसिक स्कीम बनाया जाए या इसके जरिए केवल सबसे कमजोर तबके को मदद दी जाए। देश में गरीबी की समस्या को कम करने के लिए इस स्कीम पर विचार किया जा रहा है।

नई योजना के फायदे और नुकसान पर जारी है मंथन

अंग्रेजी बिजनेस न्यूजपेप इकोनॉमिक टाइम्स को एक अधिकारी ने बताया कि इस स्कीम के फायदे और नुकसान पर विचार किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की स्कीम का सही लोगों तक पहुंचाने में समस्या आ सकती है। इसके साथ ही वित्तीय घाटा भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि इस सभी कारकों को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाएगा।

सभी पहलुओं पर हो रहा है विचार

अधिकारी ने बताया कि देश के 200 मिलियन (20 करोड़) लोगों को प्रति महीने 1500 रुपए की राशि दिए जाने पर सरकार पर 3 लाख करोड़ का भार पड़ेगा। इसके अलावा संसाधन जुटाना भी जटिल होगा। सरकार वित्तीय वर्ष 2018 तक वित्तीय घाटे को जीडीपी के 3 फीसदी तक लाना चाहती है।

जीएसटी लागू होने से होंगे फायदे

नोटबंदी के फैसले और जीएसटी लागू होने से सरकार को संसाधनों की प्राप्ति होती है तो सरकार इस स्कीम को लॉन्च करने के लिए अच्छी स्थिति में होगी। इस स्कीम के दायरे में ऐसे बेरोजगार लोगों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है, जिनके पास कमाई का कोई साधन नहीं है। साथ ही, एक विचार गृहिणियों को भी शामिल करने हो रहा है क्योंकि वह इस स्कीम से मिलने वाले फंड का सही तरह से उपयोग कर सकती है।

यूनिवर्सल बेसिक इनकम क्या है

यूनिवर्सल बेसिक इनकम, सोशल सिक्योरिटी (सामाजिक सुरक्षा) का रूप है, जिसमें देश में रहने वाले सभी नागरिकों को बिना किसी शर्त के एक फिक्स समय में एक निश्चित पैसे मिलते हैं। यह राशि सरकार या फिर कुछ पब्लिक संस्थाओं द्वारा दी सकती है। गरीबी रेखा से नीचे वाले लोगों को बिना शर्त इनकम ट्रांसफर को एक आंशिक बुनियादी आय के रूप में जाना जाता है।

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