1227 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ेगी हाइपरलूप वन ट्रेन

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हाइपरलूप वनन्यूयॉर्क। भारत में जहां अभी पूरे देश में मेट्रो तक नहीं पहुंच पाया है। वहीं अमेरिका के नॉर्थ लास वेगास में हाइपरलूप वन का पहला सफल परीक्षण कर लिया गया है। इस ट्रेन को बनाने वाले शोधकर्ताओं ने कई बड़े दावे किए हैं उनका कहना है कि यह ट्रेन हवा से बात करेगी।

हाइपरलूप वन दुनिया की सबसे तेज ट्रेन

हाइपरलूप वन ट्रेन को बनाने में जुटे शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि आने वाले सालों में वैक्यूम (बिना हवा) ट्यूब सिस्टम से गुजरने वाली कैप्सूल जैसी हाइपरलूप 750 मील (1227 किलोमीटर) प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेगी। बताया जा रहा है कि इसकी स्पीड हवाई जहाज और बुलेट ट्रेन से दोगुनी होगी। यह ट्रेन दुनिया की सबसे तेज ट्रेन होने का गौरव हासिल करेगी।

इस ट्रेन की रफ़्तार होगी 1227 किलोमीटर प्रति घंटा

हाइपरलूप वन के प्रोटोटाइप का पहली बार अमेरिका के नेवाडा डेजर्ट में  में सफल परीक्षण किया गया। बताया जा रहा है कि पहले परीक्षण में हाइपरलूप वन ने 300 मील/घंटा की रफ्तार पकड़ी। इसके लिए परीक्षण स्थल नॉर्थ लॉस वेगास के नेवाडा में बनाया गया था। चुंबकीय तकनीक से लैस पॉड (ट्रैक) पर हाइपरलूप का दो मील के ट्रैक पर परीक्षण कराया गया। इस ट्रेन को बनाने वालों ने दावा किया है कि हाइपरलूप 1227 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेगी। इस ट्रेन के ध्वनि की गति 1236 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को छूने का लक्ष्य रखा गया है।

2018 तक पटरियों पर दौड़ेगी ट्रेन

लास वेगास में हाइपरलूप तकनीक से जुड़ी कंपनियों की बड़ी-बड़ी ट्यूबें, पॉड और अन्य उपकरण तैयार हैं। अंतरिक्ष से जुड़ी कंपनी स्पेसएक्स के मालिक एलोन मस्क इस सुपरफास्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम को दुनिया के सामने पेश करेंगे। हाइपरलूप के पॉड धीरे-धीरे गति कम होने के साथ ही सतह को छूएंगे और यात्रियों या सामान को कोई क्षति नहीं होगी। खराब मौसम या भूकंप का भी इस पर असर नहीं होगा। बताया जा रहा है कि साल 2018 तक पहली हाइपरलूप ट्रेन पटरियों पर दौड़ाने की तैयारी है।

 

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