भारतीय रेलवे के दिन बदलने के लिए हुआ हाई स्पीड टैल्गो ट्रेन का ट्रायल

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बरेली। मोदी सरकार ने जब से सत्‍ता संभाली है तब से विकास को   मुद्दा बनाया जा रहा है। हर क्षेत्र में विकास की बात करने वाले पीएम मोदी और रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेलवे की सूरत बदलने की कोशिश जारी रखी है। उसीका नतीजा है स्‍पेन से आई हाई स्पीड टैल्गो ट्रेन।

हाई स्‍पीड टैल्‍गो ट्रेन

हाई स्‍पीड टैल्‍गो ट्रेन का हुआ ट्रायल

हाई स्‍पीड टैल्‍गो ट्रेन भारत आ चुकी है। रविवार को हाई स्‍पीड टैल्गो ट्रेन का बरेली से मुरादाबाद के बीच ट्रायल भी किया जा रहा है। हार्ट स्पीड टैल्‍गो ट्रेन का तीन बार ट्रायल होगा। अगर ये ट्रायल भारतीय प‍टरियों पर सफल हुए तो वह दिन दूर नहीं जब यह हाई स्‍पीड ट्रेन भारतीय रेलवे का अहम हिस्‍सा होगी।

भारतीय रेलवे के बहुरेंगे दिन

रेल मंत्री सुरेश प्रभु के प्रयास से स्‍पेन से आई हाई स्‍पीड टैल्‍गो ट्रेन का पहला ट्रायल रविवार को बरेली से मुरादाबाद की पटरियों पर शुरू हो गया है। अगर टेल्गो ने वनगो में रफ्तार पकड़ ली तो समझिए कि देश की बहुरंगी रेल की रफ्तार में टेल्गो का भी खूबसूरत सफर जुड़ जाएगा।

कई मायने में बेहतरीन ट्रेन टैल्गो

टैल्गो रफ्तार में भी देश की तमाम ट्रेनों को मात देगी तो सेफ्टी के लिहाज से भी इस ट्रेन में अनेक खासियतें भरी पड़ी हैं। बरेली के रेलवे वर्कशॉप में स्पेन से आई टीम ने 10 दिनों की मशक्कत के बाद इसे तैयार किया है। बताया जा रहा है कि अपनी फुल स्पीड में टेल्गो ट्रेन 280 किलोमीटर की रफ्तार से पटरियों पर दौड़ सकती है लेकिन सवाल है कि इतनी रफ्तार को संभाल पाने में मौजूदा पटरियां कामयाब हो सकेंगी।

एक झलक पाने को उमड़ी लोगों की भीड़

टैल्गो ट्रेन को देश की पटरियों के लिए सबसे आधुनिक और नई ट्रेन मानी जा रही है। हालांकि स्पेन की पटरियों पर इसे दौड़ते हुए तीस साल बीत चुके है। इसकी पहली झलक पाने के लिए बरेली में भीड़ भी खूब उमड़ी जा रही है।

दो हफ्ते तक चलेगा ट्रायल

दो सप्‍ताह तक बरेली और मुरादाबाद के बीच 90 किलोमीटर लंबे खंड पर हाई स्‍पीड टैल्‍गो ट्रेन का परीक्षण चलेगा। इसके बाद इसका परीक्षण मथुरा और पलवल के बीच राजधानी ट्रेन के मार्ग पर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 40 दिनों तक किया जाएगा। तीसरा परीक्षण दिल्ली और मुंबई के बीच दो सप्ताह तक चलेगा।

रविवार सुबह करीब नौ बजे हुआ ट्रायल

परीक्षण से जुड़े रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नौ टैल्गो डिब्बों को रविवार सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर बरेली से रवाना किया गया। 4500 एचपी के डीजल इंजन वाली यह ट्रेन 80 से 115 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। परीक्षण खाली डिब्बों और उसके बाद उन्हें रेत की बोरियों से भरकर किया जाएगा। जांच दल परीक्षण के दौरान डिब्बों में रहेगा।

एक नजर में टैल्‍गो ट्रेन

रेलवे के अधिकारी ने बताया कि टैल्गो डिब्बों का वजन कम होता है और उन्हें इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि वो गति कम किए बिना भी घुमावदार पटरियों पर चल सकते हैं। नौ डिब्बों वाले टैल्गो ट्रेन में दो एक्जीक्यूटिव क्लास कार, चार चेयर कार, एक कैफेटेरिया और एक पावर कार और एक कर्मचारियों के लिए टेल-एंड कोच और उपकरण होंगे।

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