नहीं रहे बाबरी मस्जिद के पैरोकार हाशिम अंसारी

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हाशिम अंसारीलखनऊ। अयोध्या बाबरी मस्जिद केस की पैरवी करने वाले हाशिम अंसारी का निधन हो गया है। हाशिम काफी वक़्त से बीमार चल रहे थे। जिसके बाद कल देर रात फैजाबाद में उन्होंने अपनी आखरी सांस ली। हाशिम 96 साल के हो गए थे बढ़ती उम्र के चलते भी उन्हें काफी परेशानी हो रही थी।

हाशिम अंसारी बाबरी मस्जिद के लिए 60 सालों से कर रहे हैं पैरवी

हाशिम अंसारी तकरीबन 60 सालों से बाबरी मस्जिद के लिए मुस्लिम पक्ष की पैरवी कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई बार कोर्ट से बाहर जाकर भी हिन्दू धर्मगुरूओं से मिल मामले को सुलझाने का प्रयास किया। हालांकि उन कोशिश का कोई नतीजा नहीं निकला।

हाशिम अकसर अपने बयानों की वजह से भी चर्चा में बने रहते थे। उन्होंने कई बार पीएम मोदी की तारीफ की तो कभी जमकर आलोचना। वहीं ऐसा ही कुछ राज्य की सपा सरकार और मुलायम सिंह के बारे में भी कहा। कभी अच्छे कामों के लिए वो मुलायम सिंह की तारीफ करते तो कभी आलोचना।

अयोध्या बाबरी मस्जिद मामले में मुस्लिम पक्ष की पैरवी करते हुए एक वक्त ऐसा भी आया जब हाशिम ने इस मामले की पैरवी करने से इंकार कर दिया था। साल 2014 में अयोध्या बाबरी मस्जिद के मुख्य पक्षकार मोहम्मद हाशिम अंसारी बाबरी मस्जिद मुद्दे के राजनीतिकरण से इतने नाराज हुए थे कि उन्होंने बाबरी मस्जिद के मुक़दमे की पैरवी ना करने का फैसला कर लिया था।

विवादित जमीन के मालिकाना हक के मुकदमे में सबसे पुराने वादियों में एक हाशिम ने ये कहा था कि वो अब रामलला को आजाद देखना चाहते हैं। उनका कहना है, ‘चाहे हिंदू नेता हों या मुस्लिम सब अपनी अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने में लगे हैं और मैं कचहरी के चक्कर लगा रहा हूं।’

हालांकि इसके तुरंत बाद अपने बयान से पलटते हुए हाशिम ने कहा था कि ‘उन्होंने पैरवी से हटने संबंधी जो बयान दिया, वह मामले की धीमी सुनवाई को लेकर खीझ में दिया।’ उन्होंने कहा कि वह इस मामले का जल्द से जल्द हल चाहते हैं। इसलिए सुनवाई त्वरित अदालत में हो।’

हाशिम के निधन के बाद अब अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्ष की पैरवी उनके बेटे करेंगे। हाशिम ने पहले ही इस बात की वसीयत कर दिए थे। उनकी मौत से लोगों में शोक का माहौल बन गया है।

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