हिटलर की मौत ड्रामा थी

हिटलर नकली मौत मरा था और टेनेराइफ भाग गया था। जोकि स्पेन में कैनारी द्वीप समूह का सबसे बड़ा द्वीप है। सीआईए के पूर्व जांचकर्ताओं की एक टीम ने इस रहस्य से पर्दा उठा दिया है कि एडोल्फ हिटलर का वास्तव में क्या हुआ था।

टीम ने दावा किया है कि इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि हिटलर ने द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति पर अपने भूमिगत बंकर ने आत्महत्या नहीं की थी।  अपनी नकली मौत के बाद वह अपने जिंदगी के बाकी दिन बिताने के लिए कैनारी द्वीप समूह में भाग खड़ा हुआ था।

हिटलर

टीम का कहना है कि सरकार ने हमें जो बताया वह एक झूठ था। यदि आप एफबीआई की फाइल देखेंगे तो सब साफ हो जाएगा। इतिहास के पुनर्परीक्षण के दौरान हम जितना गहराई में गये, साफ होता गया कि हिटलर की मौत नकली थी। 700 पन्नो की तफसील से प़ड़ताल के बाद एक दस्तावेज से यह नयी जानकारी हाथ लगी कि जर्मनी में अमेरिकी सेना को न तो उसकी लाश मिली थी और न ही कोई विश्वसनीय सूचना कि वह मर गया है। टीम तानाशाह के लापता होने की पड़ताल कर रही है।

हिटलर नाव के जरिये भाग निकला था

हिटलर हमशक्ल के जरिये आसानी से मौत का नाटक कर सकता था। जैसा कि रूसी जांचकर्ताओं ने पाया कि मौके से मिली खोपड़ी तानाशाह की तुलना में पांच इंच छोटे आदमी की थी। दूसरे अमेरिकन या ब्रिटिश अधिकारियों के जांच करने से पहले ही लाश गायब हो जाना। यह बात पहले भी आयी है कि तानाशाह और उसकी पत्नी के हमशक्ल थे। उसने गुप्त सुरंगों का भी निर्माण कराया था। गुप्त सुरंगों और विमानों के सशक्त नेटवर्क के जरिये भाग निकलना संभव है औऱ ऐसा माना जा रहा है कि हिटलर यू बोट के जरिये अपने नाजी कमांडरों को संगठित करने के लिए मौके से भाग निकला था।

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