‘हिन्दू आतंकवाद’ का खौफ पैदा करने वाली कांग्रेस को इस तरह घेरेगी मोदी सरकार

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नई दिल्ली मालेगांव धमाकों के केस में आए नए मोड़ के बाद बीजेपी अब कांग्रेस को घेरने की फिराक में है। यूपीए सरकार के दौरान हिन्दू आतंकवाद’ का खौफ पैदा करने के आरोपों पर बीजेपी कांग्रेस पर निशाना साधने की तैयारी कर रही है। इतना ही नहीं पार्टी इशरत जहां एनकाउंटर जैसे जिहादी समूहों से जुड़े मामलों पर पर्दा डालने और हिन्दू आतंकवाद का खौफ पैदा करने के आरोपों पर भी कांग्रेस को घेरने की पूरी तैयारी में है।

हिन्दू आतंकवाद

हिन्दू आतंकवाद का मुद्दा उठाएगी मोदी सरकार

मालेगांव धमाके मामले में साध्वी पज्ञा ठाकुर को एनआइए से क्लीन चिट और लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित पर से मकोका हटाए जाने की सिफारिश का बात सामने आने के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी ने कांग्रेस पर राजनीतिक फायदे के लिए आतंकी घटनाओं की जांच का इस्तेमाल करने का आरोप लगाकर हमले तेज करने की तैयारी में हैं। बीजेपी इस बात को जोर-शोर से उठाने वाली है कि हिन्दू आतंकवाद’ का डर पैदा करना और इशरत केस के तार लश्कर से जुड़े होने की बात को दबाना उन साजिशों का ही हिस्सा थे।

क्या कहा था कांग्रेस ने

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा था कि एनआइए का मतलब अब ‘नमो इंवेस्टिगेटिव एजंसी’ हो गया है। लगता है आरोप-पत्र का मकसद दिवंगत हेमंत करकरे की अगुवाई वाली मुंबई एटीएस की ओर से की गई कुशल जांच को नुकसान पहुंचाना और पूरी तरह खत्म कर देना है। शर्मा ने दावा किया था कि एनआइए ने मकोका के तहत लगाए गए आरोप सिर्फ इस मंशा से हटाए ताकि एटीएस की ओर से दर्ज किए गए सभी बयान ऐसे हो जाएं कि उन्हें सबूतों के तौर पर स्वीकार ही न किया जाए। कांग्रेस नेता ने मांग की थी कि एनआइए की ओर से अचानक अपना रुख पलट लेने के कारण साध्वी प्रज्ञा सहित छह आरोपियों को मिली क्लीन चिट और बाकी आरोपियों के खिलाफ मकोका के तहत लगाए गए आरोप वापस ले लिए जाने से मामले के कमजोर होने के मद्देनजर मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए।

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