30 साल की रिसर्च के बाद सपना हुआ साकार, जल्द होगा हेड ट्रांसप्लांट

0

नई दिल्ली। अब जल्द ही इटैलियन न्यूरोसर्जन सर्गियो कैनावेरो अपने सहयोगी डॉ रेन जियाओपिंग के साथ ह्यूमन हेड ट्रांसप्लांट का सपना हकीकत में बदलने वाले हैं। डॉ. सर्गियो इस प्रोसीजर के अनुसार अगर सब कुछ उनके योजनानुसार हुआ तो इस साल दिसंबर में वह हेड ट्रांसप्लांट कर सकते हैं।

हेड ट्रांसप्लांट

हेड ट्रांसप्लांट के लिए 130 करोड़ रूपए का आएगा खर्चा

डॉ. सर्गियो ने दावा किया है कि उन्होंने ह्यूमन हेड ट्रांसप्लांट प्रोसीजर पर 30 साल रिसर्च की है जिसके बाद वह अब मॉडर्न मेडिकल साइंस की मदद से ह्यूमन हेड ट्रांस्प्लांट करने के लिए तैयार हैं। बताते चलें, यह हेड ट्रांसप्लांट अबतक दुनिया का पहला ट्रांस्प्लांट होगा।

इस हेड ट्रांसप्लांट के लिए रूस के प्रोग्रामर वालेरी स्पिरिडोनोव को वॉलंटियर किया गया है। वह 31 साल के हैं और एक सीरियस बीमारी के कारण चलने फिरने में असमर्थ हैं। डॉ। सर्गियो ने इस प्रोसीजर के बारे में बताया कि वह सबसे पहले रिसीवर की बॉडी से सिर अलग करेंगे, फिर रिसीवर की ही कद काठी और दूसरी अनुकूल विशेषताओं वाले किसी ब्रेन डेड व्यक्ति की बॉडी में सिर लगा देंगे।

हेड ट्रांसप्लांट

इस हेड ट्रांसप्लांट को दो पार्ट्स में पूरा किया जाएगा। डॉ. सर्गियो ने पहले पार्ट को HEAVEN और दूसरे पार्ट को GEMINI नाम दिया है। इस पूरे प्रोसीजर के लिए भी दो टीमों का गठन किया गया है। यह दोनों ही टीम्स रिसीवर और डोनर पर एक साथ काम करेंगी।

जानकारी के अनुसार, डॉक्टर पहले रिसीवर और डोनर की गर्दन में गहरा चीरा लगाकर आर्टरीज, नसें और स्पाइन को बाहर निकालेंगे। बता दें, दोनों ही पेशेंट्स की गर्दन काटने के लिए डायमंड नैनोब्लेड का इस्तेमाल किया जाएगा। इस डायमंड नैनोब्लेड की कीमत लगभग एक करोड़ 30 लाख रुपए है। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस यह नैनोब्लेड प्रोवाइड करवाएगी।

डॉक्टर दोनों ही पेशेंट्स की गर्दन को धड़ से अलग करने के घंटे भर के भीतर ही रिसीवर की गर्दन को डोनर के धड़ में जोड़ने की प्रोसेस शुरु करेंगे। इतना ही नहीं, डोनर के धड़ को जिन्दा रखने के लिए डॉक्टर उसमें ट्यूब्स के जरिए ब्लड सर्कुलेशन बनाए रखेंगे।

साथ ही, 15 से 30 मिनट तक खून की नलियों में एक ख़ास किस्म का ग्लू भी डाला जाएगा और और कच्चे टांके भी लगाए जाएंगे। सारी नसों और स्पाइनल कॉर्ड को कोडिंग और मार्किंग के हिसाब से जोड़ा जाएगा। इसके लिए एक विशेष प्लास्टिक सर्जन स्किन को सिलने और जोड़ने का काम करेगा। इस पूरे प्रोसीजर के बाद नए शरीर को 3 दिन तक सर्वाइकल कॉलर लगाकर ICU में रखा जाएगा।

इस पूरे प्रोसीजर में कुल 130 करोड़ रूपए का खर्चा हो सकता है। फिलहाल अभी यह तय नहीं हुआ है कि हेड ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन किस देश में होना है। इस प्रोसीजर में कुल 150 लोगों की टीम काम करेगी जिसमें डॉक्टर्स, नर्सेस, टेक्नीशियन्स, सायकोलॉजिस्ट्स और वर्चुअल रिएलिटी इंजीनियर्स शामिल हैं।

loading...
शेयर करें